खराब मौसम से जयपुर Airport पर हवाई सेवाएं प्रभावित, कई उड़ानें डायवर्ट, यात्रियों को हुई भारी परेशानी
Airport: राजधानी जयपुर में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने बीती रात हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज बारिश, कम दृश्यता और तेज हवाओं के कारण जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों की आवाजाही प्रभावित रही। खराब मौसम के चलते कई विमानों को निर्धारित समय पर उतरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ उड़ानों को अन्य शहरों के लिए डायवर्ट करना पड़ा। इस स्थिति के कारण सैकड़ों यात्रियों को घंटों तक असुविधा झेलनी पड़ी और उनकी यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं।

मौसम विभाग के अनुसार देर रात जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने लगीं और दृश्यता में काफी कमी आ गई। ऐसे हालात में विमान की सुरक्षित लैंडिंग चुनौतीपूर्ण हो जाती है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल और पायलटों को लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रखनी पड़ी ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सबसे अधिक असर उन उड़ानों पर पड़ा जो देश के विभिन्न शहरों से जयपुर आ रही थीं। कई विमानों को लंबे समय तक हवा में चक्कर लगाकर मौसम के सामान्य होने का इंतजार करना पड़ा। कुछ उड़ानों के पायलटों ने कई बार लैंडिंग का प्रयास भी किया, लेकिन खराब दृश्यता और प्रतिकूल मौसम के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विमानों को वैकल्पिक हवाई अड्डों की ओर भेजना पड़ा।
इंडिगो एयरलाइंस की कई उड़ानें इस स्थिति से प्रभावित हुईं। मुंबई, नवी मुंबई, उदयपुर और चंडीगढ़ से जयपुर आने वाली उड़ानों के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री घंटों तक विमान के भीतर ही बैठे रहे और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई। कुछ यात्रियों की आगे की यात्रा और अन्य जरूरी कार्यक्रम भी प्रभावित हुए।
मुंबई से जयपुर आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-5135 का मामला सबसे चर्चित रहा। यह विमान निर्धारित समय पर जयपुर पहुंचा और देर रात लगभग 2:20 बजे लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। पायलट ने रनवे पर उतरने का प्रयास किया, लेकिन खराब मौसम और अत्यंत कम दृश्यता के कारण विमान को सुरक्षित रूप से उतारना संभव नहीं हो सका। विमान कुछ समय तक हवा में रहा और मौसम में सुधार की संभावना का इंतजार करता रहा।
हालांकि जब स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल की सलाह पर विमान को लखनऊ Airport के लिए डायवर्ट कर दिया गया। इससे यात्रियों को अतिरिक्त समय तक यात्रा करनी पड़ी और कई लोगों को अपने कार्यक्रमों में बदलाव करना पड़ा। यात्रियों ने बताया कि अचानक डायवर्जन की सूचना मिलने से उन्हें परेशानी हुई, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने इस निर्णय को आवश्यक माना।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून और प्री-मानसून सीजन के दौरान इस तरह की परिस्थितियां सामान्य होती हैं। खराब मौसम के कारण विमानन कंपनियां और एयर ट्रैफिक कंट्रोल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। ऐसे मामलों में यदि पायलट को लैंडिंग में किसी प्रकार का जोखिम दिखाई देता है तो विमान को दूसरे हवाई अड्डे की ओर मोड़ना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
जयपुर Airport प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि सभी निर्णय पूरी तरह सुरक्षा मानकों के अनुरूप लिए गए। अधिकारियों के अनुसार मौसम में सुधार होते ही उड़ानों का संचालन सामान्य करने के प्रयास किए गए। हालांकि खराब मौसम के कारण कुछ उड़ानों के समय में बदलाव और देरी अपरिहार्य रही।
बीती रात की इस स्थिति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्राकृतिक परिस्थितियों के सामने आधुनिक तकनीक भी सीमित हो सकती है। हालांकि यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन समय रहते लिए गए सुरक्षा संबंधी फैसलों ने किसी बड़े हादसे की संभावना को टाल दिया। अब मौसम सामान्य होने के साथ ही Airport पर उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है।

