कासगंज पुलिस की बड़ी सफलता: 70 गुम मोबाइल बरामद, 24 लाख रुपये के फोन मालिकों को लौटाए
सीईआईआर पोर्टल और आईएमईआई ट्रैकिंग से मिली सफलता, कई राज्यों से बरामद हुए मोबाइल
कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में पुलिस ने साइबर अपराध और मोबाइल चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुल 70 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिए हैं। बरामद किए गए मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 24 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस की इस उल्लेखनीय कार्रवाई से मोबाइल धारकों के चेहरों पर खुशी लौट आई है और उन्होंने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने इस सफलता की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिले में लगातार मोबाइल गुम होने एवं चोरी होने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल और विभिन्न थानों पर संचालित साइबर हेल्पडेस्क को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार तथा क्षेत्राधिकारी पटियाली अमित कुमार द्वारा की गई। साइबर सेल की टीम ने आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए मोबाइलों की तलाश शुरू की। इस दौरान सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल तथा आईएमईआई ट्रैकिंग सिस्टम की सहायता से गुम मोबाइल फोन की लोकेशन का पता लगाया गया।
तकनीकी जांच, डेटा विश्लेषण और लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कुल 70 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता प्राप्त की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद मोबाइल फोन विभिन्न कंपनियों के हैं और उनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 24 लाख रुपये है।
मोबाइल फोन बरामद होने के बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों ने खुशी जाहिर की और कासगंज पुलिस की कार्यशैली की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका गुम हुआ मोबाइल दोबारा मिल सकेगा, लेकिन पुलिस की सक्रियता और तकनीकी टीम की मेहनत के कारण यह संभव हो पाया।
प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध और मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। ऐसे मामलों में तकनीक की सहायता से प्रभावी कार्रवाई करना बेहद आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि कासगंज पुलिस साइबर अपराधों की रोकथाम और आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि सीईआईआर पोर्टल और आईएमईआई ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों ने पुलिस के कार्य को और अधिक प्रभावी बनाया है। इन तकनीकी संसाधनों की मदद से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। इससे न केवल लोगों की संपत्ति वापस मिल रही है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई संभव हो रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल और साइबर हेल्पडेस्क लगातार जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान करने के लिए कार्य कर रहे हैं। भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान चलाए जाते रहेंगे ताकि गुम या चोरी हुई संपत्ति लोगों को वापस दिलाई जा सके और अपराधियों पर कानून का शिकंजा कसा जा सके।
मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने पुलिस विभाग का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह अभियान आम जनता के लिए बेहद लाभकारी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस पहल से लोगों का कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
कासगंज पुलिस की यह कार्रवाई जिले में साइबर अपराध नियंत्रण और जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने, ऑनलाइन धोखाधड़ी या किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराधियों तक पहुंचा जा सके और लोगों को राहत मिल सके।

