इंजीनियर EOU रेड: बिहार के सासाराम में तैनात लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी से जुड़े ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक साथ कार्रवाई की। एजेंसी की टीम ने पटना, सासाराम, बांका और मुजफ्फरपुर समेत छह स्थानों पर तलाशी ली। कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में की गई।
EOU के मुताबिक, जांच के दौरान अधिकारी की घोषित और ज्ञात आय की तुलना में करीब 1.20 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति होने का मामला सामने आया है। एजेंसी ने संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की है। मामले में आगे की जांच जारी है।
नोट: नीचे दिए गए संपत्ति और रिश्वत से जुड़े दावे जांच एजेंसी के आरोप/जांच के आधार पर हैं। अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद तय होगी।
इंजीनियर EOU रेड
इंजीनियर EOU रेड में 6 ठिकाने जांच के दायरे में
इंजीनियर EOU रेड के तहत आर्थिक अपराध इकाई ने अलग-अलग टीमों के जरिए कई स्थानों पर कार्रवाई की। पटना में दानापुर के आदमपुर इलाके स्थित वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट के एक फ्लैट के अलावा आशापुर दानापुर के एक अन्य ठिकाने की भी तलाशी ली गई।
इसके अलावा सासाराम स्थित सरकारी कार्यालय और डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास की जांच की गई। बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र स्थित पैतृक गांव और मुजफ्फरपुर में ससुराल से जुड़े मकान को भी तलाशी अभियान में शामिल किया गया।
EOU की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेज और संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले।
आय से अधिक संपत्ति का मामला क्या है?
EOU के अनुसार, अरविंद कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। एजेंसी का दावा है कि जांच में उनकी वैध आय की तुलना में संपत्ति करीब 85.05 प्रतिशत अधिक पाई गई।
मामले में आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 15/26, दिनांक 29 जुलाई 2026 के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच से जुड़ी है।
भारत में भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों के लिए Prevention of Corruption Act, 1988 लागू है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के विभिन्न अपराधों और जांच की प्रक्रिया का प्रावधान है।
पटना के फ्लैट में संपत्ति और दस्तावेजों की जांच
पटना के दानापुर स्थित फ्लैट में EOU की टीम ने सुबह के समय तलाशी शुरू की। एजेंसी की कार्रवाई के दौरान फ्लैट के अंदर रखे दस्तावेज, आभूषण और अन्य सामान की जांच की गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, फ्लैट में सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के मिलने की बात सामने आई है। संपत्तियों और सामान के स्रोत से जुड़े दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
फ्लैट के इंटीरियर पर खर्च और संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
बैंक लॉकर की भी होगी जांच
EOU की जांच में बैंक लॉकर की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी को अब अदालत की अनुमति के बाद लॉकर की तलाशी लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है।
लॉकर में क्या मिला या वहां कितनी संपत्ति है, इसकी पूरी जानकारी तलाशी के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के स्रोत का मिलान कर रही है।
इंजीनियर से कई घंटे पूछताछ
डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास पर भी EOU की टीम पहुंची। यहां अधिकारियों ने कार्यपालक अभियंता से पूछताछ की और विभिन्न दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली।
पूछताछ का मुख्य उद्देश्य संपत्तियों, बैंक खातों और आय के स्रोतों से संबंधित जानकारी जुटाना बताया गया है। टीम कार्रवाई पूरी करने के बाद आगे की जांच के लिए पटना रवाना हुई।
EOU के अधिकारियों के अनुसार, मामले में दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
बांका में पैतृक घर पर भी तलाशी
बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के पिपराहडीह गांव में स्थित पैतृक मकान पर भी आर्थिक अपराध इकाई की टीम पहुंची।
बताया गया कि टीम सुबह करीब 9 बजे गांव पहुंची थी। तलाशी के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। पैतृक मकान की अलग-अलग जगहों पर जांच की गई।
उस समय घर में इंजीनियर के चाचा मौजूद थे। EOU की टीम ने उनसे भी पूछताछ की और मकान में उपलब्ध दस्तावेजों तथा अन्य सामान की जांच की।
तलाशी अभियान कई घंटे तक चला। अधिकारियों ने जांच की गोपनीयता का हवाला देते हुए बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
मुजफ्फरपुर में ससुराल पर भी पहुंची टीम
मुजफ्फरपुर के महामाया स्थान इलाके में स्थित इंजीनियर के ससुराल से जुड़े मकान पर भी EOU ने कार्रवाई की।
सूत्रों के अनुसार, टीम जब वहां पहुंची तो मकान में कोई सदस्य मौजूद नहीं था। इसके बाद घर की चाबी मंगवाकर तलाशी शुरू की गई।
टीम ने घर के अलग-अलग कमरों और दस्तावेजों की जांच की। संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य रिकॉर्ड को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया।
संपत्ति और परिवार से जुड़े रिकॉर्ड की जांच
जांच के दौरान इंजीनियर के परिवार और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड भी देखे जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, परिवार के पास पैतृक जमीन होने की बात सामने आई है।
हालांकि पैतृक संपत्ति और अधिकारी की व्यक्तिगत संपत्ति के बीच क्या संबंध है, इसका निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा।
EOU की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि अधिकारी की ज्ञात आय और उनके नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।
12 साल की नौकरी और संपत्ति का दावा
जांच से जुड़े विवरणों में अधिकारी की करीब 12 वर्ष की नौकरी के दौरान बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति अर्जित करने का दावा किया गया है।
एजेंसी कथित संपत्तियों के स्रोत, खरीद की तारीख, भुगतान के तरीके और संबंधित बैंक लेनदेन की जांच कर रही है।
संपत्ति का वास्तविक मूल्य और उसकी वैधता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए फिलहाल सामने आए आंकड़ों को जांच एजेंसी के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
सास के खाते में रिश्वत की रकम का आरोप
मामले में यह आरोप भी सामने आया है कि कथित रिश्वत की रकम अधिकारी की सास के बैंक खाते में भेजी जाती थी। इस दावे की भी जांच एजेंसी द्वारा पड़ताल की जा रही है।
बैंक खातों में हुए लेनदेन, संबंधित व्यक्तियों के बीच वित्तीय संबंध और पैसों के स्रोत की जांच ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण होती है।
इस आरोप की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
कोर्ट से तलाशी वारंट के बाद कार्रवाई
EOU के मुताबिक, तलाशी की कार्रवाई विशेष न्यायालय, निगरानी पटना से वारंट प्राप्त करने के बाद की गई।
एजेंसी ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में पहले जांच शुरू की थी। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में सरकारी कर्मचारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जांच और अभियोजन के लिए विभिन्न प्रावधान मौजूद हैं।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात का अब मिलान किया जाएगा। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि संपत्ति का वास्तविक स्रोत क्या है और क्या वह अधिकारी की वैध आय के अनुरूप है।
जरूरत पड़ने पर संबंधित बैंक खातों, लॉकर और अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा सकती है।
यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल EOU की जांच जारी है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
इंजीनियर EOU रेड की 10 बड़ी बातें
सासाराम में तैनात कार्यपालक अभियंता से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई।
EOU ने करीब छह स्थानों पर तलाशी ली।
पटना, सासाराम, बांका और मुजफ्फरपुर में कार्रवाई।
मामला आय से अधिक संपत्ति से संबंधित है।
EOU के मुताबिक करीब 1.20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का मामला।
पटना के फ्लैट में आभूषण और दस्तावेजों की जांच।
बैंक लॉकर की जानकारी भी जांच के दायरे में।
बांका स्थित पैतृक घर पर कई घंटे तलाशी।
मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल में भी दस्तावेजों की जांच।
मामले में आगे की जांच और वित्तीय रिकॉर्ड का सत्यापन जारी।