आसलपुर में विराट हिंदू सम्मेलन 2026: आयोजन समिति गठित, पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन
आसलपुर में 1 फरवरी 2026 को होने वाले विराट हिंदू सम्मेलन की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन समिति की बैठक में संरक्षक मंडल, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। सम्मेलन को भव्य और अनुशासित बनाने का संकल्प लिया गया।
आसलपुर में विराट हिंदू सम्मेलन की तैयारियां तेज
आसलपुर कस्बे में आगामी 1 फरवरी 2026 को प्रस्तावित विराट हिंदू सम्मेलन को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कस्बे में आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सम्मेलन की रूपरेखा, व्यवस्थाओं, दायित्व वितरण और संगठनात्मक ढांचे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से विभिन्न पदाधिकारियों का चयन किया गया और सम्मेलन को ऐतिहासिक व भव्य स्वरूप देने का संकल्प लिया गया।
यह सम्मेलन क्षेत्र में सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन, संत, बुद्धिजीवी और युवा वर्ग की भागीदारी अपेक्षित है।
आयोजन समिति की बैठक में बनी रणनीति
बैठक के दौरान आयोजन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मंच व्यवस्था, अतिथि स्वागत, जनसंपर्क, प्रचार-प्रसार, सुरक्षा, अनुशासन और जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। समिति सदस्यों ने यह स्पष्ट किया कि विराट हिंदू सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संगठित करने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का माध्यम होगा।
संरक्षक मंडल का गठन
बैठक में सर्वसम्मति से सम्मेलन के संरक्षक मंडल का गठन किया गया। संरक्षक मंडल में समाज के वरिष्ठ, प्रतिष्ठित और अनुभवी व्यक्तियों को शामिल किया गया, जो आयोजन को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
संरक्षक मंडल में मनोनीत सदस्य:
पन्नालाल कुमावत, जगदीशपुरी गोस्वामी, कालूराम शर्मा, बंसीलाल नयामौजा, गोविंद सहाय पारीक, छितरमल जांगिड़, लादू सिंह राव, रामपाल बंबोरिया, मालूराम पारीक, कैलाश गैदर, प्रेम कुमार सेन, बाबूलाल मारवाल, सज्जन सिंह राव, नंदलाल जाजोरिया, मदन जाजोरिया, गोपाल लाल वर्मा एवं ओमप्रकाश वर्मा।
अध्यक्ष पद पर पवन कुमार शर्मा को जिम्मेदारी
सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पवन कुमार शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी। अध्यक्ष बनने के बाद पवन कुमार शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज की एकता और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देगा। उन्होंने सभी सहयोगियों से अनुशासित और समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
उपाध्यक्षों की मजबूत टीम गठित
सम्मेलन की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उपाध्यक्ष पद पर कई अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई।
उपाध्यक्ष बनाए गए:
पांचू लाल जाजोरा, चतुर्भुज नोदल, रामस्वरूप लांबा, मानसिंह राव, भंवर गोस्वामी, धर्मेंद्र बैताड़िया, अनुराग कुमावत, रमेश गुर्जर, राजेश कुमावत, नरेश गैदर, महेश सारडीवाल, अर्जुन सोनी एवं ओमप्रकाश प्रजापत।
कोषाध्यक्ष और सचिव नियुक्त
आयोजन की आर्थिक पारदर्शिता और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कोषाध्यक्ष पद पर रामलाल राजोरा एवं भागचंद कुमावत को चुना गया। वहीं सचिव पद की जिम्मेदारी परीक्षितसिंह राव और संजीव जाजोरिया को सौंपी गई।
दोनों पदाधिकारियों ने आयोजन के लिए आवश्यक संसाधन, समन्वय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का भरोसा दिलाया।
मंत्री मंडल और मीडिया प्रभारी की घोषणा
सम्मेलन की विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन हेतु मंत्री मंडल का गठन किया गया, जिसमें श्रवण राजोरा, महेश दाधिच, सुरेंद्र इयाणा, नवरत्न भूरोदिया, चंद्रप्रकाश शर्मा, नरेंद्र शर्मा, महेश पारीक, गौरव शर्मा, अशोक कुमार एवं मनीष कुमावत को शामिल किया गया।
वहीं मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी महावीर सारस्वत एवं अजय सिंह ‘चिंटू’ को सौंपी गई। मीडिया प्रभारी सम्मेलन के प्रचार-प्रसार, सोशल मीडिया, प्रिंट एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सूचना संप्रेषण का कार्य संभालेंगे।
मकर संक्रांति पर अगली बैठक का निर्णय
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आयोजन से संबंधित अगली बैठक 14 जनवरी, मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गौशाला, आसलपुर में सायं 4:30 बजे आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा, अतिथियों की सूची और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
जनभागीदारी से भव्य आयोजन का संकल्प
आयोजन समिति ने सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया कि विराट हिंदू सम्मेलन को भव्य, अनुशासित और ऐतिहासिक बनाया जाएगा। इसके लिए अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
समिति सदस्यों ने कहा कि यह सम्मेलन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और संगठनात्मक शक्ति का प्रतीक बनेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।


