Basti Updates : वीर सावरकर के नाम पर डिजिटल लाइब्रेरी, बच्चों को मुफ्त पढ़ाई और विचारों से कराया परिचित
Basti Updates : बस्ती शहर में वीर सावरकर के नाम से संचालित डिजिटल लाइब्रेरी चर्चा में है। संस्थापक मनीष मिश्रा द्वारा शुरू की गई इस लाइब्रेरी में बच्चों को निःशुल्क पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। यहां विद्यार्थियों को वीर सावरकर के विचारों से भी अवगत कराया जाता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।
Basti Updates : बस्ती में वीर सावरकर के नाम पर खुली डिजिटल लाइब्रेरी, बच्चों को निःशुल्क पढ़ाई की सुविधा
बस्ती वीर सावरकर को लेकर देश की राजनीति में लंबे समय से वैचारिक बहस जारी है,एक ओर भारतीय जनता पार्टी उन्हें स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी, राष्ट्रवादी विचारक,लेखक और राजनेता के रूप में सम्मान देती रही है,वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के कई नेता उन पर सवाल उठाते रहे हैं,इसी क्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक भाषण में कहा था कि “मैं माफी नहीं मांगूंगा, क्योंकि मैं वीर सावरकर नहीं हूं,सावरकर को लेकर यही वैचारिक टकराव राजनीति में अक्सर चर्चा का विषय बनता रहा है।
इसी बीच जिले में वीर सावरकर के नाम पर संचालित एक लाइब्रेरी चर्चा में है,शहर के मालवीय रोड पर संस्थापक मनीष मिश्रा द्वारा “वीर सावरकर लाइब्रेरी” का संचालन किया जा रहा है,यहां बच्चों को निःशुल्क पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है,पिछले तीन महीनों में लाइब्रेरी में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है और आसपास के गांवों से भी छात्र पढ़ने के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
लाइब्रेरी में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को वीर सावरकर के विचारों से भी परिचित कराया जाता है,हाल ही में यहां पढ़ने वाले तीन छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है,जिससे अन्य बच्चों का उत्साह भी बढ़ा है,इसी उपलब्धि को लेकर शहर के अटल बिहारी प्रेक्षागृह में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया,जहां लाइब्रेरी के छात्रों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया

कार्यक्रम के दौरान मनीष मिश्रा ने महिलाओं के लिए भी एक नई पहल की घोषणा की,उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “श्री मन शंकर देव” के नाम पर 50 महिला समूहों की शुरुआत की जाएगी,इन समूहों की महिलाएं पारंपरिक तरीके से सोहर गाते हुए भगवान राम के लिए पेड़े तैयार करेंगी,देश-विदेश में रहने वाले भक्त ऑनलाइन ऑर्डर देकर भगवान राम को भोग चढ़ाने के लिए पेड़े मंगवा सकेंगे,जिन्हें प्रसाद के रूप में उनके घर तक पहुंचाया जाएगा।
मनीष मिश्रा ने बताया कि वीर सावरकर उनके आदर्श हैं और वे उनके विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लेकर काम कर रहे हैं,उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बस्ती में सावरकर के विचारों का प्रसार किया जाएगा और एक वर्ष के भीतर जिले को “सावरकरमय” बनाने का प्रयास किया जाएगा।


