Trump Speech : अमेरिकी संसद में ट्रम्प बोले- भारत-पाकिस्तान जंग रुकवाई
‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ में बड़े दावे

डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह अमेरिकी संसद में ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण दिया। करीब 1 घंटा 50 मिनट के संबोधन में उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बड़े दावे किए।
ट्रम्प ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने का दावा दोहराया। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हवाले से कहा कि संभावित परमाणु जंग में 3.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती थी। हालांकि भारत इस दावे को पहले भी खारिज करता रहा है।
गाजा सीजफायर और ईरान पर बयान
ईरान को लेकर उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने पिछले साल जुलाई में हमला कर उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म कर दिया। साथ ही आरोप लगाया कि ईरान ने महंगाई विरोधी प्रदर्शनों के दौरान 32 हजार लोगों की हत्या की।
वेनेजुएला और तेल उत्पादन पर दावा
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका में तेल उत्पादन रोजाना 6 लाख बैरल से अधिक बढ़ा है। उन्होंने वेनेजुएला को अमेरिका का नया दोस्त बताया और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की नीति पर जोर दिया।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए 15% वैश्विक टैरिफ लागू करने की बात कही।
भाषण के दौरान हंगामे के 5 बड़े मोमेंट्स
-
डेमोक्रेटिक सांसद अल ग्रीन को पोस्टर दिखाने पर हाउस चैंबर से बाहर कर दिया गया।
-
डेमोक्रेट्स ने जेफ्री एपस्टीन की पीड़ितों को गैलरी में बुलाया, लेकिन ट्रम्प ने इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं की।
-
सांसद मर्सी कैप्टर ने ‘फाइलें जारी करो’ लिखा पिन पहना।
-
सोमाली-अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने ट्रम्प पर आरोप लगाते हुए नारे लगाए, जिस पर ट्रम्प ने जवाबी टिप्पणी की।
-
फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प और ट्रम्प के बच्चे गैलरी में मौजूद रहे।
विपक्ष का पलटवार
डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से वर्जीनिया की गवर्नर एबिगेल स्पैनबर्गर ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने रूस और चीन के प्रति नरमी दिखाई है और देश की समस्याओं का समाधान देने में विफल रहे हैं। उन्होंने ट्रम्प की इमिग्रेशन नीति की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कम प्रशिक्षित एजेंट्स को शहरों में भेजकर डर का माहौल बनाया जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
ट्रम्प के भाषण के बाद अमेरिका में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां रिपब्लिकन पार्टी उनके दावों को उपलब्धि बता रही है, वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी इसे भ्रामक और अतिरंजित करार दे रही है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दिए गए इन बयानों से आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और अमेरिका की विदेश नीति पर नई बहस छिड़ने की संभावना है।