Share Market : Sensex 324 अंक टूटा, Nifty 108 अंक गिरा, मीडिया-रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली
Share Market : भारतीय शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 324 अंक गिरकर 83,246 और निफ्टी 108 अंक टूटकर 25,585 पर बंद हुआ। मीडिया और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। जानिए गिरावट की बड़ी वजहें और आगे बाजार का रुख।
Share Market में गिरावट, निवेशकों में सतर्कता
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 19 दिसंबर को गिरावट देखने को मिली। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई सेंसेक्स 324 अंक टूटकर 83,246 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी में भी 108 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,585 पर क्लोज हुआ। बाजार में बिकवाली का दबाव ज्यादातर सेक्टर्स में देखने को मिला, हालांकि ऑटो और FMCG सेक्टर ने कुछ हद तक मजबूती दिखाई।
Share Market : मीडिया और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली

आज के कारोबार में मीडिया सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। मीडिया इंडेक्स में 1.84% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा रियल्टी, आईटी, बैंकिंग और मेटल सेक्टर में भी बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने जोखिम भरे सेक्टर्स से दूरी बनाते हुए प्रॉफिट बुकिंग को तरजीह दी।
ऑटो और FMCG सेक्टर ही ऐसे रहे, जहां सीमित खरीदारी देखने को मिली और ये सेक्टर्स गिरावट से काफी हद तक बचे रहे।
Share Market : दिनभर रहा उतार-चढ़ाव भरा कारोबार
बाजार में आज पूरे दिन भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट आई थी। इसके बाद दोपहर के कारोबार में बाजार निचले स्तरों से कुछ हद तक रिकवर करता नजर आया।
सेंसेक्स अपने दिन के निचले स्तर 82,898 से करीब 350 अंक की रिकवरी करते हुए बंद हुआ। वहीं निफ्टी ने भी 25,494 के निचले स्तर से 100 अंकों से ज्यादा की रिकवरी दिखाई। इसके बावजूद बाजार आखिरकार लाल निशान में बंद हुआ।
Share Market गिरने की बड़ी वजहें
1. ट्रम्प की टैरिफ धमकी से ग्लोबल बाजार में डर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों से वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है। ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो देश उनकी योजनाओं का विरोध करेंगे, उन पर भारी आयात शुल्क यानी टैरिफ लगाया जाएगा।
इस बयान के बाद अमेरिका से लेकर एशिया तक के शेयर बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। जानकारों का मानना है कि यदि ट्रेड वॉर जैसी स्थिति बनी, तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और बढ़ सकती है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है।
2. रिलायंस और ICICI बैंक के शेयरों में दबाव
देश की दिग्गज कंपनियों रिलायंस इंडस्ट्रीज और ICICI बैंक के शेयरों में आज दबाव देखने को मिला। रिलायंस इंडस्ट्रीज के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे आने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। हालांकि कंपनी का मुनाफा अनुमान के मुताबिक रहा, लेकिन मार्जिन में हल्की गिरावट से शेयर दबाव में आ गया।
वहीं ICICI बैंक के नतीजे भी इन-लाइन रहे, इसके बावजूद शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 3% तक टूट गया। इन दोनों भारी वेटेज वाले शेयरों के गिरने से निफ्टी पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
3. FIIs लगातार निकाल रहे पैसा
भारतीय शेयर बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली जारी है। जनवरी महीने में अब तक FIIs करीब 16,600 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं। लगातार हो रही इस बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है।
हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाजार में खरीदारी कर सपोर्ट देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ग्लोबल दबाव के सामने यह समर्थन फिलहाल कमजोर साबित हो रहा है।
4. सोना-चांदी में रिकॉर्ड तेजी और डॉलर मजबूत
दुनिया भर में बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहा है। सोना और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखी गई है। आज सुबह सोना करीब 1.6% की तेजी के साथ 4,670 डॉलर के पार पहुंच गया, जो एक नया रिकॉर्ड स्तर है।
चांदी की कीमतों में भी 3% से ज्यादा का उछाल देखा गया। दूसरी ओर डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आ रहा है।
ग्लोबल बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.32% चढ़कर 4,904 पर बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई 0.65% गिरकर 53,412 पर बंद हुआ।
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.05% गिरकर 26,563 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.29% की बढ़त के साथ 4,114 पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों की बात करें तो 16 जनवरी को डाउ जोन्स 0.17% गिरकर 49,359 पर बंद हुआ था। नैस्डेक और S&P-500 में भी मामूली गिरावट देखने को मिली थी।
FIIs-DIIs का डेटा
16 जनवरी को FIIs ने भारतीय बाजार में 4,346 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3,935 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी। इस दौरान DIIs ने 79,620 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया।
आगे बाजार की दिशा क्या होगी
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर अब चीन के जीडीपी आंकड़ों और यूरोप के महंगाई दर (CPI) के डेटा पर रहेगी।
भारत में तिमाही नतीजों का सीजन जारी है, ऐसे में चुनिंदा शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 25,500 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
पिछले कारोबारी दिन का हाल
इससे पहले शुक्रवार 16 जनवरी को शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 187 अंक चढ़कर 83,570 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 28 अंक की बढ़त के साथ 25,694 के स्तर पर बंद हुआ था।

