Share Market : Sensex में 1000 अंकों की बड़ी गिरावट, Nifty फिसला, दो दिन में बाजार 2000 अंक टूटा
Share Market में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर 81,100 के पास पहुंचा, निफ्टी 200 अंक गिरा। दो दिन में बाजार 2000 अंक लुढ़क चुका है। ट्रम्प नीति, FII बिकवाली, कमजोर नतीजे और वैश्विक तनाव गिरावट के बड़े कारण बने।
Share Market में भारी बिकवाली, sensex 1000 अंक टूटा
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार 21 जनवरी को जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1,000 अंक टूटकर 81,124 के निचले स्तर तक पहुंच गया। फिलहाल सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 81,600 के आसपास कारोबार करता दिखा।
निफ्टी भी बाजार की कमजोरी से अछूता नहीं रहा और इसमें करीब 200 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 25,000 के अहम स्तर के आसपास फिसल गया।
दो दिन में 2000 से ज्यादा अंक टूटा बाजार

लगातार दूसरे दिन बाजार में भारी दबाव बना रहा। सोमवार को भी सेंसेक्स 1,065 अंक गिरकर बंद हुआ था। इस तरह सिर्फ दो कारोबारी सत्रों में ही सेंसेक्स 2,000 से ज्यादा अंक टूट चुका है। इससे निवेशकों की चिंता काफी बढ़ गई है और बाजार में डर का माहौल बना हुआ है।
सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयर लाल
आज के कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से केवल 5 शेयरों में तेजी रही, जबकि 25 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
सबसे ज्यादा बिकवाली बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी और IT सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली। बैंकिंग और IT शेयरों पर विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का दबाव साफ नजर आया।

Share Market गिरने के 4 बड़े कारण
1. ट्रेड वॉर का खतरा और वैश्विक अनिश्चितता
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ग्रीनलैंड को उसके प्राकृतिक संसाधनों के कारण अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते हैं।
यूरोपीय देशों के विरोध के बाद अमेरिका और यूरोप के बीच नए भू-राजनीतिक तनाव की स्थिति बन गई है। ट्रम्प ने ग्रीनलैंड मुद्दे का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों से आयात पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।
इसके जवाब में यूरोपीय संघ के नेता ब्रुसेल्स में इमरजेंसी समिट करने जा रहे हैं। इस घटनाक्रम से ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ गया है, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी आई है।
2. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ नीति पर सुनवाई
20 जनवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ट्रम्प प्रशासन की नई टैरिफ नीतियों की वैधता पर सुनवाई हुई।
मार्केट रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट के रुख से संकेत मिले हैं कि ट्रम्प सरकार को व्यापार से जुड़े सख्त फैसले लेने की छूट मिल सकती है।
इसका सीधा असर भारत के IT और फार्मा जैसे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स पर पड़ा, क्योंकि इन कंपनियों की बड़ी कमाई अमेरिका से होती है। इसी वजह से इन शेयरों में आज भारी बिकवाली देखने को मिली।
3. रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी और FII की बिकवाली
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 91.10 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है।
रुपये की कमजोरी से विदेशी निवेशकों का रिटर्न घटता है, जिससे वे भारतीय बाजार से पैसा निकालने लगते हैं। NSDL के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी महीने में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ₹29,000 करोड़ से ज्यादा निकाल चुके हैं।
20 जनवरी को ही FII ने ₹2,191 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,755 करोड़ के शेयर खरीदकर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
4. रिलायंस और प्राइवेट कंपनियों के कमजोर नतीजे
तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजों का सीजन चल रहा है, लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे हैं।
ग्लोबल सप्लाई चेन में दिक्कतों के कारण कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। रिलायंस और बैंकिंग शेयरों में आई गिरावट ने सेंसेक्स को नीचे खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।
ग्लोबल मार्केट से भी नहीं मिला सपोर्ट
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख देखने को मिला।
कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.26% गिरकर 4,873 पर और जापान का निक्केई 0.56% टूटकर 52,693 पर कारोबार करता दिखा।
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.13% गिरकर 26,453 पर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ 4,120 पर कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी बाजारों में भी 20 जनवरी को बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 1.76%, नैस्डेक 2.39% और S&P 500 में 2.06% की गिरावट रही।
FII बनाम DII: बाजार की लड़ाई
दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर बेचे थे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने ₹79,620 करोड़ के शेयर खरीदकर बाजार को संभालने की कोशिश की।
हालांकि, मौजूदा माहौल में FII की आक्रामक बिकवाली के सामने DII की खरीद कमजोर पड़ती नजर आ रही है।
IPO अपडेट: शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज IPO में निवेश का आज दूसरा दिन है। यह इश्यू 22 जनवरी तक खुला रहेगा।
IPO का प्राइस बैंड ₹118–₹124 प्रति शेयर तय किया गया है। रिटेल निवेशकों को न्यूनतम 120 शेयरों के एक लॉट के लिए ₹14,880 का निवेश करना होगा। कुल इश्यू साइज ₹1,907 करोड़ है, जिसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल दोनों शामिल हैं।
आगे बाजार का रुख क्या रहेगा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता, ट्रेड वॉर का खतरा और FII की बिकवाली जारी रहेगी, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति के साथ ही निवेश के फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।

