Share Market में गिरावट: सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी 25,650 नीचे, ऑटो-आईटी शेयर लुढ़के
13 जनवरी को Share Market में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा गिरा और निफ्टी 25,650 पर फिसल गया। ऑटो और आईटी सेक्टर में बिकवाली हावी रही, जबकि बैंकिंग में सीमित मजबूती दिखी। जानिए बाजार गिरने के कारण और आगे का अनुमान।
Share Market में गिरावट, निवेशकों की बढ़ी चिंता
भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 13 जनवरी को गिरावट का माहौल देखने को मिला। कमजोर वैश्विक संकेतों, वीकली एक्सपायरी और मुनाफावसूली के दबाव के कारण बाजार लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटकर 83,400 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी करीब 100 अंक गिरकर 25,650 पर कारोबार करता दिखा।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 शेयर गिरावट में रहे और केवल 5 शेयरों में तेजी देखने को मिली। वहीं एनएसई निफ्टी के अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे।
ऑटो और आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया, जबकि मीडिया सेक्टर में 1.12% की तेजी दर्ज की गई।
ऑटो और IT सेक्टर में क्यों आई बिकवाली?
ऑटो और आईटी सेक्टर में गिरावट की प्रमुख वजहें ये रहीं:
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आईटी सेक्टर: अमेरिका और यूरोप से डिमांड को लेकर अनिश्चितता, डॉलर की चाल और ग्लोबल टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव।
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ऑटो सेक्टर: महंगाई, ब्याज दरों को लेकर चिंता और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली।
आईटी दिग्गज TCS का एआई रेवेन्यू 1.8 बिलियन डॉलर तक पहुंचने के बावजूद नए लेबर कोड के असर से निवेशकों में सतर्कता दिखी।
मार्केट के उतार-चढ़ाव से जुड़ी 4 अहम बातें

मार्केट में सुस्ती :
वीकली एक्सपायरी और ग्लोबल दबाव के कारण बाजार में कमजोरी दिखी। निफ्टी 25,750 और सेंसेक्स 83,800 के आसपास संघर्ष करता नजर आया।
बैंकिंग सेक्टर में मजबूती :
गिरावट के बावजूद बैंकिंग शेयरों में आंशिक मजबूती रही। निफ्टी बैंक इंडेक्स 100 अंकों से ज्यादा चढ़ा, जिससे बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट मिला।
TCS का AI रेवेन्यू :
TCS का एआई कारोबार बढ़कर 1.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, लेकिन नए लेबर कोड से कंपनी पर वित्तीय दबाव की आशंका बनी हुई है।
मुनाफावसूली का दौर :
रिलायंस और भारती एयरटेल जैसे बड़े शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। इसके अलावा ग्लोबल फैक्टर्स से बाजार में वोलैटिलिटी बनी रही।
ग्लोबल बाजारों का असर
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हालांकि भारतीय बाजार में गिरावट रही, लेकिन एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला:
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कोरिया (KOSPI): 0.80% की तेजी
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जापान (Nikkei): 3.08% उछाल
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हांगकांग (Hang Seng): 0.94% ऊपर
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चीन (Shanghai Composite): हल्की गिरावट
अमेरिकी बाजारों में 12 जनवरी को डाउ जोंस, नैस्डेक और S&P 500 तीनों हरे निशान में बंद हुए, जिससे ग्लोबल संकेत पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहे।
भारत कोकिंग कोल IPO का आखिरी दिन
मेनलाइन सेगमेंट में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के आईपीओ में निवेश का आज आखिरी मौका है।
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प्राइस बैंड: ₹21 – ₹23 प्रति शेयर
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लॉट साइज: 600 शेयर
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न्यूनतम निवेश: ₹13,800 (ऊपरी प्राइस पर)
निवेशक बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सतर्क रुख अपना रहे हैं।
FII और DII का डेटा क्या कहता है?
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FIIs (विदेशी निवेशक):
12 जनवरी को ₹3,638 करोड़ के शेयर बेचे -
DIIs (घरेलू निवेशक):
₹5,839 करोड़ के शेयर खरीदे
दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल ₹34,350 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने ₹79,620 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की।
देश का पहला SM REIT लाएगा तीसरा IPO
भारत के पहले रजिस्टर्ड स्मॉल एंड मीडियम REIT ‘प्रोपशेयर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ ने अपनी तीसरी इन्वेस्टमेंट स्कीम के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए हैं।
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स्कीम का नाम: प्रोपशेयर सेलेस्टिया
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इश्यू साइज: करीब ₹244.65 करोड़
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इश्यू टाइप: पूरी तरह फ्रेश इश्यू
यह रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
कल बाजार में रही थी तेजी
12 जनवरी को शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी:
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सेंसेक्स: 302 अंक चढ़कर 83,878 पर बंद
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निफ्टी: 107 अंक की तेजी के साथ 25,790 पर बंद
उस दिन एनर्जी, मेटल और बैंकिंग शेयरों में मजबूती रही, जबकि रियल्टी, ऑटो और फार्मा सेक्टर कमजोर रहे थे।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति
विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा गिरावट शॉर्ट टर्म वोलैटिलिटी का हिस्सा हो सकती है। लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर रखनी चाहिए।
सलाह:
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भारी गिरावट में जल्दबाजी से बचें
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बैंकिंग और चुनिंदा लार्जकैप शेयरों पर नजर रखें
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ग्लोबल संकेत और FII गतिविधियों को ट्रैक करें
निष्कर्ष
13 जनवरी को शेयर बाजार में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में हैं, लेकिन बैंकिंग सेक्टर की मजबूती और घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को बड़ा झटका लगने से बचा रही है। आने वाले दिनों में ग्लोबल फैक्टर्स और आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।

