Sensex Nifty Fall : सेंसेक्स 1500 अंक गिरा, निफ्टी 23600 पर बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली बाजार दबाव में

Sensex Nifty Fall : आज शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1500 अंक टूटकर 76,000 के करीब पहुंचा, जबकि निफ्टी 23,600 के स्तर पर आ गया। मिडिल ईस्ट तनाव, FIIs की बिकवाली और कमजोर रुपया बाजार पर दबाव बना रहे हैं।
Sensex Nifty Fall : शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, निफ्टी 23,600 के नीचे
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex करीब 1500 अंक टूटकर 76,000 के स्तर पर आ गया, जबकि Nifty 50 भी 450 अंक गिरकर 23,600 के आसपास कारोबार कर रहा है।
बाजार में यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है, खासकर तब जब पिछले सत्र में बाजार ने मजबूती दिखाई थी।
बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग सेक्टर पर देखा गया। सरकारी बैंकों के शेयरों में तेज बिकवाली हुई, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकाव बढ़ रहा है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर
वैश्विक स्तर पर भी हालात बाजार के लिए अनुकूल नहीं हैं। Iran और United States के बीच चल रही बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने स्पष्ट किया कि बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। इसका असर सीधे ग्लोबल मार्केट और भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
भारतीय बाजार के साथ-साथ एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली:
- कोस्पी (दक्षिण कोरिया): -1.37%
- निक्केई (जापान): -1.00%
- हैंगसेंग (हांगकांग): -1.24%
यह संकेत देता है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
अमेरिकी बाजार का मिला-जुला प्रदर्शन
10 अप्रैल को अमेरिकी बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला:
- डाउ जोन्स: -0.56%
- नैस्डैक: +0.35%
- S&P 500: -0.11%
इससे यह साफ है कि वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।
FIIs की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं।
- अप्रैल में अब तक कुल बिकवाली: ₹48,213 करोड़
- शुक्रवार को हल्की खरीदारी: ₹672 करोड़
FIIs की इस लगातार बिकवाली ने बाजार की दिशा पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।
रुपये पर भी दबाव
भारतीय रुपया भी कमजोर स्थिति में बना हुआ है। जानकारों के अनुसार डॉलर के मुकाबले रुपया आने वाले दिनों में 93.50 से 94 के स्तर तक जा सकता है।
रुपये की कमजोरी का असर आयात लागत और महंगाई पर भी पड़ सकता है।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
सपोर्ट जोन
23,940 | 23,850 | 23,462 | 23,330 | 22,857
ये वे स्तर हैं जहां बाजार को नीचे गिरने से सहारा मिल सकता है।
रेजिस्टेंस जोन
24,143 | 24,387 | 24,450 | 24,538 | 24,650 | 25,002
इन स्तरों को पार करने पर बाजार में तेजी की संभावना बन सकती है।
पिछले कारोबारी दिन का हाल
इससे पहले 10 अप्रैल को बाजार में तेजी देखने को मिली थी।
- सेंसेक्स: 919 अंक चढ़कर 77,550 पर बंद
- निफ्टी: 276 अंक की तेजी के साथ 24,051 पर
हालांकि, आज की गिरावट ने पिछले दिन की तेजी को पूरी तरह खत्म कर दिया।
निष्कर्ष
आज की गिरावट यह दर्शाती है कि बाजार अभी भी वैश्विक और घरेलू अनिश्चितताओं के प्रभाव में है। मिडिल ईस्ट तनाव, FIIs की बिकवाली और कमजोर रुपया जैसे कारक निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर रहे हैं।
निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने और बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

