Bareilly Updates : यक्ष ऐप की मदद से बारादरी पुलिस ने चोरी का किया खुलासा
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में थाना बारादरी पुलिस ने एक बड़ी चोरी की घटना का सफल खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने आधुनिक तकनीक ‘यक्ष ऐप’ और सर्विलांस सिस्टम का उपयोग करते हुए दो शातिर अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। यह ऑपरेशन पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम के संयुक्त प्रयास का परिणाम है।
शिकायत से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 2 अप्रैल को हुई, जब जगतपुर निवासी इमरान खां ने अपने घर में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर नकदी और कीमती आभूषण चुरा लिए। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए।
यक्ष ऐप और सीसीटीवी से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने ‘यक्ष ऐप’ के जरिए इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। इस डिजिटल जांच से संदिग्ध गतिविधियों और वाहनों की पहचान में मदद मिली। सर्विलांस टीम ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।
बीडीए कॉलोनी के पास मुठभेड़
गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध आरोपी एक कार में बीडीए कॉलोनी के पास मौजूद हैं। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान एक बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें एक आरोपी घायल हो गया।
दोनों आरोपी गिरफ्तार

मुठभेड़ के दौरान घायल हुए आरोपी की पहचान आकाश उर्फ शुभम उर्फ आदित्य के रूप में हुई, जिसे पैर में गोली लगी। उसके साथी अंकित मिश्रा उर्फ सोनू को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे पहले इलाके में रेकी करते थे और सुनसान घरों को निशाना बनाते थे। रात के समय लोहे की रॉड से ताला तोड़कर चोरी करते थे। चोरी के बाद वे नोएडा जाकर वाहन बदल लेते थे और फिर सामान का आपस में बंटवारा कर लेते थे।
भारी मात्रा में बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का सामान और अन्य वस्तुएं बरामद की हैं, जिनमें शामिल हैं:
- एक अवैध तमंचा और कारतूस
- दो ईको स्पोर्ट कार
- सोने-चांदी के आभूषण
- एलपीजी सिलेंडर
- 73 पैकेट सिगरेट
- 5.80 लाख रुपये नकद
यह बरामदगी इस गिरोह की संगठित आपराधिक गतिविधियों की पुष्टि करती है।
अपराधियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले से ही कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। इनके खिलाफ विभिन्न थानों में चोरी और अन्य गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस सफल ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह, एसओजी प्रभारी सुनील कुमार शर्मा, सर्विलांस प्रभारी सतेन्द्र मोतला सहित कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीमवर्क और तकनीकी संसाधनों के सही उपयोग से इस केस का खुलासा संभव हो पाया।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
तकनीक के इस्तेमाल से अपराध पर लगाम
यह मामला दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल टूल्स जैसे ‘यक्ष ऐप’ के उपयोग से पुलिस अपराधियों तक तेजी से पहुंच सकती है। आने वाले समय में ऐसे तकनीकी उपाय कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।