सांभर महोत्सव 2025 का भव्य आगाज़, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन को दी वैश्विक पहचान
सांभर महोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया। पांच दिवसीय इस महोत्सव में एडवेंचर, लोक कला, पतंगबाजी, फूड स्टॉल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा दिया गया, जिससे सांभर वैश्विक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन रहा है।
सांभर महोत्सव 2025 : उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया भव्य शुभारंभ
राजस्थान की पर्यटन राजधानी जयपुर के समीप स्थित ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत से समृद्ध सांभर में शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को पांच दिवसीय सांभर महोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस महोत्सव का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए पर्यटकों की उपस्थिति में किया। यह आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग, जयपुर जिला प्रशासन और सांभर नगर पालिका के संयुक्त तत्वावधान में झपोक क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है, जो 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
गरिमामयी उपस्थिति में हुआ उद्घाटन समारोह
उद्घाटन समारोह में पूर्व विधायक निर्मल कुमावत, अतिरिक्त जिला कलेक्टर जयपुर आशीष कुमार, सांभर एसडीएम ऋषि राज कपिल, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेन्द्र सिंह शेखावत सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। दोपहर 12 बजे उपमुख्यमंत्री द्वारा विधिवत उद्घाटन के बाद उत्सव स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
क्राफ्ट, फूड स्टॉल और कलाकारों का उत्साहवर्धन
उद्घाटन के पश्चात उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने महोत्सव परिसर में लगाए गए विभिन्न क्राफ्ट एवं फूड स्टॉल्स का भ्रमण किया। उन्होंने स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और हस्तशिल्पियों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा उन्हें प्रोत्साहित किया। यह पहल स्थानीय कला, संस्कृति और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डाक कार्ड, फोटो और पतंग प्रदर्शनी का विमोचन
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने सांभर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को दर्शाने वाले डाक कार्ड (Postal Cards) का विमोचन भी किया। साथ ही उन्होंने पतंग प्रदर्शनी और फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें सांभर झील, पक्षी जीवन, नमक उद्योग और स्थानीय जीवनशैली की झलक प्रस्तुत की गई।
सांभर बन रहा है ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने महोत्सव की सभी को बधाई देते हुए कहा कि सांभर फेस्टिवल ने अब वैश्विक पर्यटन मंच पर अपनी अलग पहचान बना ली है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष महोत्सव का आयोजन और भी बड़े स्तर पर किया गया है तथा आगामी वर्षों में इसे और अधिक भव्य रूप दिया जाएगा। उनके अनुसार, सांभर अब ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से उभर रहा है।
सांभर की विशिष्ट पहचान: अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य
दिया कुमारी ने कहा कि सांभर की सबसे बड़ी पहचान इसका अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य है। शीत ऋतु के दौरान यूरोप और उत्तरी एशिया से आने वाली विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षी, विशेषकर ग्रेटर फ्लेमिंगो, सांभर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं। सांभर झील का विस्तार, नमक के मैदान और सूर्यास्त का दृश्य पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
पर्यटन सुविधाओं का विकास और सड़क कनेक्टिविटी
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पर्यटकों की सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सड़क कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचा, ठहरने की सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि निरंतर विकास कार्यों के माध्यम से सांभर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर सांभर को करें प्रमोट
उपमुख्यमंत्री ने पर्यटकों से अपील की कि वे सांभर के प्राकृतिक सौंदर्य, स्थानीय आकर्षणों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लें। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि सांभर के शानदार फोटो और वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा करें, जिससे इस पर्यटन स्थल की पहचान देश-विदेश तक पहुंचे।
सांभर महोत्सव के मुख्य आकर्षण
सांभर महोत्सव 2025 में कला, संस्कृति, रोमांच और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यहां विभिन्न कला एवं शिल्प स्टॉल, फोटोग्राफी प्रदर्शनी, फूड कोर्ट और फैंसी पतंग प्रदर्शनी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। विशेष पतंग उड़ान गतिविधियों ने बच्चों से लेकर युवाओं तक को रोमांचित किया।
ऊंट, घोड़ा और पारंपरिक सवारी का आनंद
महोत्सव के दौरान पर्यटक घोड़े की सवारी, ऊंट की सवारी और ऊंट गाड़ी का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। ये गतिविधियां राजस्थान की पारंपरिक जीवनशैली और ग्रामीण संस्कृति को करीब से अनुभव करने का अवसर प्रदान करती हैं।
एडवेंचर गतिविधियों से भरा झपोक क्षेत्र
झपोक क्षेत्र में आयोजित इस भव्य पर्यटक मेले में एडवेंचर गतिविधियों की भरमार है। पैरा सेलिंग, पैरा मोटरिंग, पैरा ग्लाइडिंग, जीप सफारी, एटीवी राइड, बैलून राइड और साइकिलिंग जैसी गतिविधियों में पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह महोत्सव एडवेंचर टूरिज्म को भी नई दिशा दे रहा है।
लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां
महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों द्वारा सड़क पर और मंच पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। लोक नृत्य, लोक संगीत और पारंपरिक वेशभूषा ने महोत्सव को जीवंत बना दिया है।
अन्य प्रमुख आकर्षण
सांभर महोत्सव के अन्य आकर्षणों में जीप/कार एडवेंचर रैली, नमक प्रसंस्करण यात्रा, पक्षी देखने की यात्रा, नमक झील का दौरा, ट्रेन से नमक अभियान, तारों को देखने की गतिविधि, देवयानी तीर्थ सरोवर पर दीपोत्सव एवं महाआरती और दुर्गा झांकी शामिल हैं।
28 से 30 दिसंबर 2025 तक के विशेष कार्यक्रम
28 से 30 दिसंबर 2025 के बीच महोत्सव में एडवेंचर रैली, हेरिटेज वॉक सांभर शहर, साइकिल यात्रा, फैंसी पतंगबाजी, कला एवं शिल्प स्टॉल, फोटोग्राफी प्रदर्शनी, घुड़सवारी और ऊंट सवारी जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही एडवेंचर टूरिज्म और लोक कलाकारों की सड़क प्रस्तुतियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।
सेलिब्रिटी और लोक शाम की प्रस्तुतियां
28 दिसंबर 2025 को मोती खान द्वारा सेलिब्रिटी शाम में प्रस्तुति दी जाएगी। 29 दिसंबर 2025 को रैपरिया बालम अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। 30 दिसंबर 2025 को श्री महावीर नाथ द्वारा राजस्थानी लोक शाम में प्रस्तुति दी जाएगी, जो सांस्कृतिक प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण होगी।
31 दिसंबर 2025 के कार्यक्रम
31 दिसंबर 2025 को हेरिटेज वॉक सांभर टाउन, फैंसी पतंगबाजी, कला एवं शिल्प स्टॉल, फोटोग्राफी प्रदर्शनी, घुड़सवारी, ऊंट सवारी और एडवेंचर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही लोक कलाकारों द्वारा स्ट्रीट परफॉर्मेंस भी प्रस्तावित है, जिससे नववर्ष का स्वागत सांस्कृतिक रंगों के साथ किया जाएगा।
निष्कर्ष: पर्यटन और संस्कृति का संगम
सांभर महोत्सव 2025 न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि यह राजस्थान के पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के नेतृत्व में यह महोत्सव सांभर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।





