Rajasthan High Court Bomb Threat: जयपुर और जोधपुर हाईकोर्ट को फिर ईमेल से बम की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

Rajasthan High Court Bomb Threat के तहत राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर पीठ को एक बार फिर ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। धमकी मिलने के तुरंत बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad), डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों कोर्ट परिसरों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए अदालत परिसर में आम लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई और पूरे परिसर की गहन जांच की गई। प्रारंभिक जांच में किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच जारी रखे हुए हैं।
Rajasthan High Court Bomb Threat के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
धमकी भरा ईमेल सामने आने के बाद जयपुर और जोधपुर स्थित हाईकोर्ट परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था तत्काल प्रभाव से बढ़ा दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों ने—
- कोर्ट परिसर की तलाशी ली।
- बम निरोधक दस्ते को मौके पर तैनात किया।
- डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच कराई।
- प्रवेश और निकास पर अतिरिक्त निगरानी शुरू की।
- परिसर में आने वाले लोगों की जांच को और सख्त किया।
प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी है।
Rajasthan High Court Bomb Threat: 2025 से कई बार मिल चुकी हैं धमकियां
Rajasthan High Court Bomb Threat का यह पहला मामला नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 से अब तक राजस्थान हाईकोर्ट को एक दर्जन से अधिक बार धमकी भरे ईमेल प्राप्त हो चुके हैं।
हर बार सुरक्षा एजेंसियां तत्काल कार्रवाई करते हुए परिसर की जांच करती हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। इसके बावजूद हर धमकी को गंभीरता से लिया जाता है ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती
बार-बार आने वाले धमकी भरे ईमेल जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
साइबर विशेषज्ञ ईमेल के स्रोत, आईपी एड्रेस, सर्वर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। हालांकि कई मामलों में ईमेल ऐसे माध्यमों से भेजे जाते हैं जिनकी पहचान करना कठिन हो जाता है।
इसी वजह से जांच एजेंसियां तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
न्यायिक कार्य पर भी पड़ता है असर
ऐसी घटनाओं का प्रभाव केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता।
धमकी मिलने के बाद—
- अदालत परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा जांच करनी पड़ती है।
- न्यायिक कार्य प्रभावित हो सकता है।
- वकीलों, कर्मचारियों और पक्षकारों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
- दूर-दराज से आने वाले लोगों की सुनवाई प्रभावित होने की आशंका रहती है।
इसी कारण प्रशासन हर सूचना को गंभीरता से लेते हुए व्यापक जांच करता है।
सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की कर रहीं जांच
फिलहाल पुलिस और साइबर जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि धमकी किसी संगठित नेटवर्क से जुड़ी है या फिर किसी शरारती तत्व की करतूत है।
अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग भी लिया जा सकता है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है और सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

