Ajmer Court Bomb Threat: ईमेल में ‘6 ब्लास्ट’ की चेतावनी, कोर्ट परिसर में चला घंटों सर्च ऑपरेशन

Ajmer Court Bomb Threat के बाद सोमवार सुबह अजमेर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गईं। कोर्ट प्रशासन को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर के भीतर विस्फोट करने का दावा किया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता, साइबर सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कोर्ट परिसर को घेर लिया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
राहत की बात यह रही कि कई घंटों तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। फिलहाल पुलिस इस ईमेल की तकनीकी जांच कर रही है और भेजने वाले की पहचान का प्रयास जारी है।
Ajmer Court Bomb Threat के बाद तुरंत सक्रिय हुआ प्रशासन
धमकी मिलने की सूचना के बाद पुलिस अधिकारियों ने बिना देरी किए सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। सुबह के समय कोर्ट परिसर में भीड़ कम होने के कारण तलाशी अभियान व्यवस्थित तरीके से चलाया गया।
सुरक्षा टीमों ने—
- मुख्य न्यायालय भवन की जांच की।
- न्यायाधीशों के चैंबरों की तलाशी ली।
- पार्किंग क्षेत्र और बाहरी परिसर की जांच की।
- प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा बढ़ाई।
- पूरे परिसर को अस्थायी रूप से सुरक्षा घेरे में रखा।
अधिकारियों ने हर हिस्से की बारीकी से जांच सुनिश्चित की।
ईमेल में क्या लिखा गया था?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमकी भरे ईमेल में कोर्ट परिसर में कई स्थानों पर विस्फोट होने का दावा किया गया था। संदेश में न्यायाधीशों को बाहर निकालने जैसी बातें भी लिखी गई थीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
हालांकि जांच के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली और परिसर पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।
Ajmer Court Bomb Threat की जांच में जुटी साइबर सेल
घटना के बाद साइबर विशेषज्ञ ईमेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ईमेल किस सर्वर, आईपी एड्रेस और डिजिटल माध्यम से भेजा गया।
जांच में निम्न पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है—
- ईमेल का वास्तविक स्रोत
- आईपी एड्रेस की ट्रेसिंग
- वीपीएन या अन्य तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल
- किसी संगठित नेटवर्क की संभावित भूमिका
पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाल के दिनों में बढ़े हैं धमकी भरे ईमेल
अजमेर में पिछले कुछ दिनों के भीतर यह दूसरी ऐसी घटना बताई जा रही है जिसमें किसी सरकारी कार्यालय को ईमेल के माध्यम से धमकी दी गई है।
ऐसी घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही हैं क्योंकि प्रत्येक सूचना पर व्यापक सुरक्षा जांच करनी पड़ती है। इससे सरकारी कामकाज और आम लोगों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
सुरक्षा एजेंसियां हर सूचना को मान रही हैं गंभीर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहली नजर में कई धमकी भरे ईमेल झूठे भी साबित हो सकते हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से किसी भी सूचना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इसी कारण प्रत्येक मामले में—
- बम निरोधक दस्ता सक्रिय किया जाता है।
- डॉग स्क्वॉड की सहायता ली जाती है।
- साइबर फॉरेंसिक जांच कराई जाती है।
- संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाता है।
क्या बोले अधिकारी?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे कोर्ट परिसर की गहन जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। अब जांच का मुख्य फोकस ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करना और उसके उद्देश्य का पता लगाना है।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या इस घटना का संबंध हाल ही में मिले अन्य धमकी भरे ईमेल से है।
Ajmer Court Bomb Threat ने एक बार फिर सरकारी संस्थानों की सुरक्षा और साइबर अपराध की चुनौती को सामने ला दिया है। हालांकि तलाशी अभियान में कोई खतरा नहीं मिला, लेकिन बार-बार मिलने वाले ऐसे ईमेल प्रशासन के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। पुलिस और साइबर सेल मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।

