Rajasthan Bad Road: पहली ही बारिश में खुली सड़क निर्माण की पोल, करोड़ों की सड़कें हुईं क्षतिग्रस्त

Rajasthan Bad Road एक बार फिर राज्य में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सिरोही और राजसमंद जिलों में हाल ही में तैयार हुई नई सड़कें पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गईं। करोड़ों रुपये की लागत से बने इन प्रोजेक्ट्स के खराब होने के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
राज्य में मानसून के दौरान सड़कें क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन नई बनी सड़कों का पहली ही बारिश में खराब होना निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
Rajasthan Bad Road: सिरोही में 18.50 करोड़ की सड़क पहली बारिश में धंसी
सिरोही जिले के शिवगंज क्षेत्र में रोवाड़ा से मनादर को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण करीब 18.50 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद इसे हाल ही में आम लोगों के लिए खोला गया था।
मानसून की पहली तेज बारिश के बाद सड़क कई स्थानों पर धंस गई। इसके साथ ही एक पुलिया का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क पर बने गड्ढों और टूटे हिस्सों की तस्वीरें सामने आने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नई सड़क पहली ही बारिश नहीं झेल सकी तो भविष्य में इसकी स्थिति और खराब हो सकती है।
Rajasthan Bad Road: पूर्व विधायक ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सड़क निर्माण में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क और पुलिया का पहली बारिश में क्षतिग्रस्त होना गंभीर लापरवाही का संकेत है।
हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सड़क का मुख्य हिस्सा सुरक्षित है और केवल किनारे की सुरक्षा दीवार तथा कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। विभाग ने जल्द मरम्मत कराने की बात कही है।
Rajasthan Bad Road: राजसमंद में तीन दिन में उखड़ गई नई सड़क
राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया है।
भागावड़ से मगरदो-रीछमाल मार्ग तक लगभग 3.30 किलोमीटर लंबी डामरीकरण सड़क पर करीब 65 लाख रुपये खर्च किए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का निर्माण जल्दबाजी में पूरा किया गया और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया।
पहली बारिश के केवल तीन दिन बाद ही सड़क का डामर कई स्थानों से उखड़ गया। सड़क पर गड्ढे बनने लगे, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
Rajasthan Bad Road: ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता की निगरानी ठीक तरीके से नहीं की गई। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार यदि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता तो नई सड़क पहली ही बारिश में खराब नहीं होती।
लोगों ने प्रशासन से स्वतंत्र जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
PWD ने जांच का दिया भरोसा
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों की तकनीकी जांच कराई जाएगी।
विभाग के अनुसार—
- सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा।
- निर्माण गुणवत्ता की जांच होगी।
- यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी कराई जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
बारिश में सड़कें क्यों होती हैं खराब?
विशेषज्ञों के अनुसार नई सड़क के जल्दी खराब होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं—
- निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कमी
- पर्याप्त कम्पेक्शन नहीं होना
- जल निकासी व्यवस्था का कमजोर होना
- निर्माण मानकों का पालन नहीं करना
- कार्य के दौरान गुणवत्ता निरीक्षण में लापरवाही
यदि सड़क निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किया जाए तो नई सड़कें सामान्य बारिश आसानी से झेल सकती हैं।
Rajasthan Bad Road मामले से क्या उठ रहे हैं सवाल?
दो अलग-अलग जिलों में नई सड़कों के पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं—
- क्या निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुसार हुआ?
- क्या निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय होगी?
- क्या तकनीकी निरीक्षण सही तरीके से किया गया?
- क्या दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी?
इन सवालों के जवाब अब विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएंगे।
Rajasthan Bad Road का यह मामला केवल दो सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। यदि जांच में निर्माण में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। वहीं स्थानीय लोग चाहते हैं कि सड़कों की जल्द मरम्मत हो ताकि आवागमन सुरक्षित बना रहे।

