Panchna Dam Dispute: पानी की मात्रा बढ़ाने की मांग पर अड़े किसान, करौली में आंदोलन जारी, रोडवेज बस सेवा प्रभावित

Panchna Dam Dispute को लेकर करौली जिले में किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने के बाद भी कई ग्रामीण और किसान संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि नहरों में पानी का दबाव पर्याप्त नहीं है, जिससे कमांड क्षेत्र के अंतिम छोर तक सिंचाई प्रभावित हो सकती है। इसी मांग को लेकर कई स्थानों पर धरना और सड़क जाम जारी है। आंदोलन का असर यातायात, रोडवेज बस सेवा और आम लोगों की आवाजाही पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
नहरों में पानी पहुंचा, लेकिन किसानों की नाराजगी बरकरार
प्रशासन की ओर से पांचना बांध से पानी छोड़े जाने के बाद यह जल कमांड क्षेत्र की नहरों के माध्यम से कई गांवों तक पहुंच चुका है। अधिकारियों के अनुसार बांदी गांव तक पानी पहुंच गया है, लेकिन आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि पानी का प्रवाह पर्याप्त नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल दबाव नहीं बढ़ाया गया तो नहर के अंतिम हिस्सों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचेगा, जिससे खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित हो सकती है। किसानों की मांग है कि पानी की मात्रा बढ़ाकर सभी गांवों और खेतों तक समान रूप से पहुंच सुनिश्चित की जाए।
कई स्थानों पर जारी है आंदोलन
हिण्डौन, गंगापुर सिटी और आसपास के क्षेत्रों में किसान विभिन्न स्थानों पर सड़क पर डटे हुए हैं। आंदोलन के चलते कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित रहा।
दिनभर प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। अधिकारियों का कहना है कि वार्ता का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
जाम से यातायात प्रभावित
आंदोलन के कारण हिण्डौन-करौली तथा हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा।
कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। स्थानीय लोगों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा। कई लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश की।
रोडवेज बस सेवा पर असर
सड़क मार्ग बाधित होने के कारण राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) ने सुरक्षा और संचालन संबंधी कारणों से कुछ मार्गों पर बसों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया।
हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी रूट पर बस सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही मार्ग पूरी तरह खुलेंगे, नियमित बस सेवा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
जल पूजन कार्यक्रम नहीं हो सका
पानी पहुंचने की खुशी में कुसमाय गांव में जल पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित था। हालांकि निर्धारित समय पर कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका।
इस दौरान संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी की भी चर्चा रही, लेकिन आंदोलन और विरोध के चलते कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ पाया।
प्रशासन लगातार कर रहा संवाद
जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने आंदोलनरत किसानों से कई दौर की बातचीत की। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है और समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार और प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिंचाई व्यवस्था प्रभावित न हो और कानून-व्यवस्था भी बनी रहे।
किसानों की मुख्य मांग क्या है?
आंदोलन कर रहे किसानों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
- नहरों में पानी का प्रवाह बढ़ाया जाए।
- कमांड क्षेत्र के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाया जाए।
- सभी किसानों को समान सिंचाई सुविधा मिले।
- जल वितरण की निगरानी पारदर्शी तरीके से की जाए।
- भविष्य में जल आपूर्ति का स्पष्ट कार्यक्रम जारी किया जाए।
आज फिर हो सकती है वार्ता
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि किसानों के प्रतिनिधियों के साथ एक और दौर की बातचीत हो सकती है। अधिकारियों को उम्मीद है कि संवाद के माध्यम से जल्द समाधान निकलेगा और प्रभावित मार्गों पर सामान्य यातायात बहाल हो सकेगा।
क्षेत्रीय कृषि पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ सीजन के दौरान सिंचाई व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होता तो फसलों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। इसी कारण किसान पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
Panchna Dam Dispute फिलहाल करौली जिले का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। नहरों में पानी पहुंचने के बावजूद जल प्रवाह की मात्रा को लेकर किसानों की नाराजगी बनी हुई है। दूसरी ओर प्रशासन लगातार वार्ता और समन्वय के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत और प्रशासनिक निर्णय इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगे। फिलहाल आमजन से अपील की जा रही है कि वे यात्रा से पहले यातायात और रोडवेज सेवाओं की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
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