Kasganj : कमर्शियल सिलेंडर ₹990 महंगा, कीमत ₹3143 पहुंची


Kasganj : कल तक जो मिलता था 2153 का वो अब मिलेगा 3143 का, 990 रुपये महंगा हुआ कमर्शियल सिलेंडर
ढाबा व रेस्टारेंट व ढाबा संचालक कीमतें बढ़ाने को हुए मजबूर, कोयला व लकड़ी के रेट बढे़
कासगंज। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में रूपए 990 की बड़ी बढ़त दर्ज की गई है जिससे अब खान-पान की चीजों के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है. कल तक जो सिलेंडर 2150 में मिलता था उसकी कीमत अब बढ़कर 3143 हो गई है। महंगाई का असर अब पटरी दुकानदारों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट के किचन पर भी पड़ना शुरू हो गया है.
कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होते ही कोयला व लकड़ी की कीमतों में वृद्धि हो गई है। हलवाई, ढाबा संचालक व रेस्टोरेंट मालिक खाद्य पदार्थों की कीमतों को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। शहर व कस्बों में कई हलवाईयों ने मिठाई की कीमतों पर रुपए बढ़ा भी दिए हैं

होटल और रेस्टोरेंट में बढ़ेंगे बिल
ईरान-इजरायल युद्ध के चलते पहले ही सप्लाई पर बुरा असर पड़ा था। अब बढ़ी हुई कीमतों के कारण बड़े होटलों में लंच और डिनर का बिल महंगा हो जाएगा. कारोबारियों का मानना है कि कीमतें बढ़ने से बिक्री कम होगी और अगर ऐसा हुआ तो होटलों को अपने स्टाफ में भी कटौती करनी पड़ सकती है.

चाय और नाश्ते के बढ़ेंगे दाम
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अब हर चीज के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी हो गई है. चाय से लेकर सुबह के नाश्ता तक मंहगा बेचना पड़ेगा। सिलेंडर महंगा होने के कारण दुकानदार अब लकड़ी की भट्टी का सहारा लेने को मजबूर हैं. लेकिन इसमें भी समस्या यह है कि भट्टी की आंच को सिलेंडर के नॉब की तरह कम या ज्यादा नहीं किया जा सकता जिससे लागत कम करने में खास मदद नहीं मिल रही है.

कोयला लकड़ी पर खाना बनाना शुरू
दुकानदार का कहना है कि कॉमर्शियल सिंलेंडर मंहगा होने, लकड़ी व कोयला की कीमतों में वृद्धि की वजह से कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। भोजन बनाने की लागत भी महंगी हो रही है। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस की किल्लत होने के बाद उन्होंने कोयला व लकड़ी पर भोजन बनाना शुरू कर दिया है। हलवाई व अधिकांश ढावा संचालक गैस की जगह लकड़ी व कोयला का उपयोग कर रहे हैं। बाजार में पहले कोयला 25 रुपए कुंटल मिल रहा था। गैस की किल्लत होने के बाद कोयला अब बाजार में तीन हजार से 32 सौ रुपए प्रति कुंटल बिक रहा है। खाद्य सामिग्री की कीमतों में भी इजाफा हुआ है।

इनका क्या कहना है
ओम स्वीट्स के स्वामी नीरज ने बताया कि कॉमर्शियल गैस मंहगी होने के बाद मजबूरी में मिठाई वृद्धि करनी पड़ेगी। उन्होने बताया कि पहले काॅमर्शियल गैस सिलेंडर 1950 रूपए का मिलता था अब वह 3150 रूपए का मिलता है। लागत अधिक आने से कीमतें मजबूरी में बढ़ानी पड़ रही हैं। वही उन्होने बताया कि कॉमर्शियल गैस, लकड़ी व कोयला महंगा होने की वजह सबसे अधिक छोटे दुकानदार और चाय विक्रेताओं को आ रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ईरान-इजरायल युद्ध ने गैस की उपलब्धता और कीमतों को सीधे तौर पर प्रभावित किया है. पूरे भारत में इस महंगाई का व्यापक असर देखने को मिल रहा है जहां लोग अब अपनी रोजमर्रा की खान-पान की जरूरतों के लिए अधिक पैसे खर्च करने को तैयार हैं।
Read More : Indian Railways : दिल्ली-फरीदाबाद रूट पर नई MEMU ट्रेन को मंजूरी

