CM -सीएस की पहल से सुनवाई तेज, 30 दिन में 11.22 लाख शिकायतें दर्ज
CM : 32 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने सुनी जनता की फरियाद, पानी-बिजली मुद्दों की भरमार; JDA और पुलिस से कम संतुष्टि
राज्य में जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री (सीएम) और मुख्य सचिव (सीएस) की पहल अब असर दिखाने लगी है। बीते 30 दिनों में पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी 11.22 लाख शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस दौरान 32 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने सीधे जनता की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। हालांकि, शिकायतों की संख्या और संतुष्टि स्तर ने कई विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
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जनसुनवाई का बड़ा आंकड़ा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में कुल 11.22 लाख शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतें पानी और बिजली आपूर्ति से जुड़ी थीं। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच जल संकट और बिजली कटौती ने आमजन की परेशानियों को बढ़ा दिया है।
इन शिकायतों में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं, जो अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस मंच का सहारा ले रहे हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी भागीदारी
इस पहल की खास बात यह है कि इसमें केवल निचले स्तर के अधिकारी ही नहीं, बल्कि 32 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी सक्रिय रूप से शामिल हुए। इन अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में जाकर लोगों की शिकायतें सुनीं और मौके पर ही कई मामलों का समाधान कराया।
इससे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ी है और अधिकारियों पर भी दबाव बना है कि वे समस्याओं का समयबद्ध समाधान करें।
कौन से विभाग बने चिंता का कारण?
जनता की संतुष्टि के स्तर को लेकर किए गए विश्लेषण में सामने आया है कि जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और पुलिस विभाग के प्रति लोगों की संतुष्टि अपेक्षाकृत कम रही है।
- JDA से जुड़ी शिकायतों में अवैध निर्माण, नक्शा पास कराने में देरी और भूमि विवाद प्रमुख रहे
- पुलिस विभाग को लेकर लोगों ने कार्रवाई में देरी, सुनवाई की कमी और व्यवहार से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई
इन विभागों की कार्यप्रणाली पर अब विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है।
सरकार की प्राथमिकता: समयबद्ध समाधान
सीएम और सीएस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कई जिलों में अधिकारियों ने शिकायतों के समाधान के लिए विशेष कैंप भी लगाए, जहां लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया गया।
पानी और बिजली सबसे बड़ी समस्या
गर्मी के मौसम में पानी और बिजली की समस्या सबसे ज्यादा सामने आई है। कई इलाकों में जल आपूर्ति बाधित होने और बिजली कटौती की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की जरूरत है, ताकि हर साल गर्मी के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
जनता की बढ़ी उम्मीदें
इस पहल के बाद आमजन में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह अधिकारी सीधे संवाद करते रहे, तो व्यवस्था में सुधार संभव है।
हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि केवल सुनवाई ही नहीं, बल्कि कार्रवाई का धरातल पर दिखना भी जरूरी है।
आगे की रणनीति
सरकार अब इस पहल को और मजबूत करने की योजना बना रही है। आने वाले समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म और फील्ड विजिट के जरिए शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाएगा।
Key Points (हाइलाइट्स)
- 30 दिन में 11.22 लाख शिकायतें दर्ज
- 32 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने की जनसुनवाई
- पानी और बिजली से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें
- JDA और पुलिस विभाग से कम संतुष्टि
- समयबद्ध समाधान पर सरकार का फोकस
- जनसुनवाई से बढ़ी जनता की उम्मीदें
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