IIM Udaipur Solar Plant Theft: 5 हजार मीटर केबल और 1400 कनेक्टर चोरी, सोलर प्लांट ठप
IIM Udaipur Solar Plant Theft: सोलर प्लांट से लाखों का सामान चोरी
IIM Udaipur Solar Plant Theft का मामला सामने आने के बाद बलीचा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान यानी आईआईएम उदयपुर के कैंपस में लगे 500 किलोवाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट में अज्ञात बदमाशों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
चोरों ने प्लांट से बड़ी मात्रा में डीसी केबल, एमसी-4 कनेक्टर, अर्थिंग वायर और लैन केबल काटकर चोरी कर लिए। इतना ही नहीं, चोरी के दौरान सोलर प्लांट के कई उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
केबल और अन्य तकनीकी उपकरणों के गायब होने के बाद सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया। इससे आईआईएम परिसर में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।

IIM Udaipur Solar Plant Theft से 500 किलोवाट प्लांट बंद
आईआईएम बलीचा परिसर में 500 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। यह प्लांट एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड यानी NVVN की ओर से लगाया गया है।
नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत सोलर प्लांट से बनने वाली बिजली का इस्तेमाल आईआईएम उदयपुर परिसर में किया जाता है। इसके साथ ही अतिरिक्त बिजली की सप्लाई राजस्थान राज्य विद्युत बोर्ड को भी की जाती है।
ऐसे में प्लांट में हुई चोरी से केवल संस्थान की बिजली व्यवस्था ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि बिजली उत्पादन और सप्लाई व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।
5 हजार मीटर डीसी केबल और 1400 कनेक्टर चोरी
प्लांट के अधिकृत प्रतिनिधि गणेश गुरुस्वामी के मुताबिक, 25 और 26 जुलाई 2026 की दरमियानी रात अज्ञात बदमाशों ने परिसर में प्रवेश किया।
चोरों ने करीब 5 हजार मीटर डीसी केबल और लगभग 1400 एमसी-4 कनेक्टर काटकर चोरी कर लिए। इसके अलावा अर्थिंग वायर और लैन केबल भी गायब मिले।
बदमाशों ने चोरी करने के दौरान प्लांट में लगे कुछ उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बड़ी मात्रा में केबल काटे जाने के कारण सोलर सिस्टम का संचालन प्रभावित हो गया।
इंवर्टर ट्रिप होने के बाद बंद हुआ बिजली उत्पादन
चोरी के दौरान प्लांट के तकनीकी सिस्टम को नुकसान पहुंचने के कारण इंवर्टर ट्रिप हो गए। इसके बाद सोलर प्लांट से बिजली बनना पूरी तरह बंद हो गया।
प्लांट प्रतिनिधि ने पुलिस को इंवर्टर ट्रिपिंग से संबंधित तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई है। इसके लिए घटना के समय की इवेंट लॉग रिपोर्ट जांच टीम को सौंपी गई है।
पुलिस अब तकनीकी रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोर किस समय प्लांट में दाखिल हुए और चोरी की वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों से जांच शुरू की
मामले की जांच गोवर्धन विलास थाना पुलिस कर रही है। जांच अधिकारी एसआई अर्जुन लाल सालवी के अनुसार पुलिस टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर चुकी है।
पुलिस इवेंट लॉग सहित उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना रही है। घटनास्थल से मिले संभावित सुरागों और अन्य जानकारी के आधार पर चोरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और चोरी किए गए केबल व अन्य उपकरणों को कहां ले जाया गया।
IIM Udaipur Solar Plant Theft से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
IIM Udaipur Solar Plant Theft की घटना ने संस्थान के हाई-सिक्योरिटी कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आईआईएम और एनटीपीसी के बीच हुए समझौते के तहत प्लांट की सुरक्षा और देखरेख की प्राथमिक जिम्मेदारी आईआईएम प्रबंधन की बताई गई है। एस्टेट विभाग के शिवम त्यागी को केयरटेकर और आयुष बंसल को संचालन की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी शिकायत में सामने आई है।
इसके बावजूद कैंपस के भीतर स्थित सोलर प्लांट से हजारों मीटर केबल और बड़ी संख्या में कनेक्टर चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती माना जा रहा है।
पुलिस को सौंपे गए एग्रीमेंट से जुड़े दस्तावेज
मामले में अधिकृत प्रतिनिधि सौरभ चौधरी की ओर से गोवर्धन विलास थाने में संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।
इनमें एनटीपीसी और आईआईएम के बीच हुए समझौते से जुड़े कागजात शामिल बताए गए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस प्लांट की सुरक्षा, संचालन और जिम्मेदारियों से संबंधित पहलुओं की भी जांच कर रही है।
जांच टीम चोरी की घटना के साथ-साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्लांट की सुरक्षा में कहां चूक हुई।
सोलर प्लांट बंद होने से बिजली उत्पादन प्रभावित
सोलर प्लांट से बड़ी मात्रा में केबल और कनेक्टर चोरी होने के बाद पूरा सिस्टम बंद पड़ा है। प्लांट की मरम्मत और आवश्यक उपकरणों की दोबारा व्यवस्था होने तक बिजली उत्पादन प्रभावित रहने की संभावना है।
इस घटना से यह भी सामने आया है कि बड़े सोलर प्लांट में इस्तेमाल होने वाली महंगी केबल और तकनीकी सामग्री की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और चोरों की तलाश जारी है। तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पुलिस वारदात का पूरा घटनाक्रम पता लगाने में जुटी है।
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