Para Throwball: राजस्थान अब केवल पर्यटन और संस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि समावेशी खेलों के वैश्विक केंद्र के रूप में भी अपनी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली तीसरी एशियन Para Throwball चैंपियनशिप की मेजबानी सिंघानिया विश्वविद्यालय को मिलना प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इस बड़ी सफलता के पीछे निर्मला रावत का दूरदर्शी नेतृत्व और समावेशी खेलों को लेकर उनका मजबूत विजन प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यह आयोजन न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला साबित होगा।

जयपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में विश्व Para Throwball महासंघ और सिंघानिया विश्वविद्यालय के बीच आधिकारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर निर्मला रावत ने आयोजन की कमान संभालते हुए इसे दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया। समारोह में महासचिव डॉ. वी. अल्बर्ट प्रेमकुमार, विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार सहित कई अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस समझौते के साथ राजस्थान को एशिया स्तर की एक प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी का अधिकार प्राप्त हुआ है।
निर्मला रावत का मानना है कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं होते, बल्कि समाज में समानता, आत्मविश्वास और अवसरों का निर्माण भी करते हैं। उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाली यह चैंपियनशिप समावेशी खेलों को नई दिशा देने का कार्य करेगी। इस प्रतियोगिता में भारत सहित थाईलैंड, जापान, यूएई, दक्षिण कोरिया, वियतनाम समेत 15 से अधिक देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे। इससे राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और प्रदेश में खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

Para Throwball फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता दिव्यांग खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मंच प्रदान करेगी। लंबे समय से पैरा खिलाड़ियों को पर्याप्त संसाधन और अवसर नहीं मिल पाते थे, लेकिन अब ऐसे आयोजनों के माध्यम से उनकी प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि भारत अब समावेशी खेल संस्कृति को गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है।
एमओयू कार्यक्रम के दौरान भारतीय Para Throwball टीम के कप्तान प्रशांत और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मालती इनामदार की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। खिलाड़ियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपने ही देश और प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता खेलना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय होगा। इससे युवा खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ेगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्राप्त होगा।
सिंघानिया विश्वविद्यालय पहले भी खेल आयोजनों में अपनी क्षमता साबित कर चुका है। फरवरी 2026 में आयोजित राष्ट्रीय Para Throwball चैंपियनशिप की सफलता ने विश्वविद्यालय को नई पहचान दिलाई थी। उसी उपलब्धि के आधार पर अब इसे एशियन स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है। यह राजस्थान की खेल व्यवस्थाओं, आधुनिक बुनियादी ढांचे और सफल आयोजन क्षमता पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय भरोसे को दर्शाता है।

निर्मला रावत ने इस अवसर पर कहा कि उनका उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए ऐसा मंच तैयार करना है जहां उन्हें सम्मान, अवसर और पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि खेल समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावशाली माध्यम हैं और यह आयोजन एशिया के पैरा खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
यह चैंपियनशिप राजस्थान के युवाओं को भी प्रेरित करेगी कि वे खेलों को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि करियर और सामाजिक बदलाव के साधन के रूप में देखें। साथ ही इससे प्रदेश में खेल अवसंरचना, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर भी पैदा होंगे।
वर्ष 2027 में होने वाली यह एशियन Para Throwball चैंपियनशिप राजस्थान को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समावेशिता, समान अवसर और मानव क्षमता के सम्मान का प्रतीक बनेगा। निर्मला रावत के नेतृत्व में राजस्थान अब समावेशी खेलों की नई राजधानी बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

