Judicial Transfer : राजस्थान हाईकोर्ट में बड़ा फेरबदल: निलंबित जज बहाल, 7 अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया

Judicial Transfer : राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। निलंबित सिविल जज की बहाली, एक अधिकारी एपीओ और 7 न्यायिक अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया। बालकृष्ण मिश्रा को न्यायिक अकादमी का निदेशक बनाया गया। जानिए पूरी खबर और आदेशों का विवरण।
Judicial Transfer : राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने गुरुवार को राज्य की न्यायिक व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए कई प्रशासनिक आदेश जारी किए हैं।
चंचल मिश्रा (रजिस्ट्रार जनरल) द्वारा जारी इन आदेशों में एक निलंबित सिविल जज की बहाली, एक अधिकारी को एपीओ करना और कई न्यायिक अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपना शामिल है।
निलंबित सिविल जज वंदना शर्मा की बहाली
हाईकोर्ट ने सिविल जज कैडर की अधिकारी वंदना शर्मा का निलंबन रद्द कर उन्हें बहाल कर दिया है।
वंदना शर्मा को 5 सितंबर 2023 को निलंबित किया गया था और उनके खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी थी।
बहाली के बाद उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में विशेष कार्याधिकारी (OSD) के पद पर नियुक्त किया गया है।
हालांकि, उनके निलंबन अवधि से जुड़े मामलों का अंतिम निर्णय विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।
बालकृष्ण मिश्रा बने न्यायिक अकादमी के निदेशक
एक अन्य महत्वपूर्ण आदेश के तहत जिला न्यायाधीश कैडर के अधिकारी बालकृष्ण मिश्रा का तबादला किया गया है।
उन्हें राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी, जोधपुर का नया निदेशक नियुक्त किया गया है।
वे पहले भीलवाड़ा में पोक्सो एक्ट मामलों की विशेष अदालत में कार्यरत थे।
मदनलाल बालोतिया को किया गया एपीओ
प्रशासनिक कारणों से पाली जिले के बाली में कार्यरत वरिष्ठ सिविल जज मदनलाल बालोतिया को एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया गया है।
अब उनका मुख्यालय जोधपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय रहेगा।
7 न्यायिक अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
रिक्त अदालतों के कार्य को प्रभावित न होने देने के लिए हाईकोर्ट ने सात न्यायिक अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है:
- अजमेर: अजमेर में एडीजे-1 रेणु श्रीवास्तव को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम विशेष न्यायालय का प्रभार
- अलवर: अलवर में जगेन्द्र कुमार अग्रवाल को पोक्सो कोर्ट-2 का अतिरिक्त कार्यभार
- बांसवाड़ा: बांसवाड़ा में इंदिरा बानेरा को पोक्सो कोर्ट का प्रभार
- बारां: बारां में काना राम मीणा को अतिरिक्त सिविल जज का कार्य
- बूंदी: बूंदी में विवेक शर्मा और मीनाक्षी मीणा को अलग-अलग पोक्सो कोर्ट का प्रभार
- जयपुर: जयपुर में अनिमा दाधीच को सीबीआई कोर्ट-5 का अतिरिक्त जिम्मा
अतिरिक्त प्रभार को लेकर सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कम से कम 40% अतिरिक्त मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें।
साथ ही यह भी कहा गया है कि जिन मामलों में आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं या उच्च न्यायालय द्वारा समयबद्ध निपटान के निर्देश दिए गए हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाए।
न्यायिक व्यवस्था को सुचारू रखने की पहल
यह पूरा फेरबदल राज्य की न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
रिक्त पदों के कारण लंबित मामलों की संख्या बढ़ रही थी, जिसे कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
निष्कर्ष
राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल से न्यायिक कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद है।
निलंबित जज की बहाली, नए निदेशक की नियुक्ति और अतिरिक्त प्रभार के जरिए अदालतों के कामकाज को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।

