Gold Silver Price : इस हफ्ते सोना-चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर, जानें कीमतें, तेजी के कारण और खरीदारी टिप्स
Gold Silver Price : इस हफ्ते सोना ₹4,471 महंगा होकर ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹39,082 बढ़कर ₹2.82 लाख प्रति किलो पहुंची। जानिए सोने-चांदी में तेजी के कारण, 2025 का पूरा ट्रेंड, खरीदारी के टिप्स और शहरवार ताजा रेट।
Gold Silver Price : इस हफ्ते सोना-चांदी के दाम में जबरदस्त उछाल
इस हफ्ते घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ उछाल देखने को मिला है। निवेशकों और आम खरीदारों दोनों के लिए यह हफ्ता बेहद अहम रहा। जहां सोना ₹4,471 की मजबूती के साथ ₹1,41,593 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, वहीं चांदी ने और भी बड़ी छलांग लगाते हुए ₹39,082 की बढ़त के साथ ₹2,81,890 प्रति किलो का स्तर छू लिया।
लगातार बढ़ते वैश्विक तनाव, डॉलर में कमजोरी और औद्योगिक मांग के चलते कीमती धातुओं में यह तेजी देखी जा रही है।
एक हफ्ते में कितना महंगा हुआ सोना और चांदी
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बीते हफ्ते यानी 9 जनवरी, शुक्रवार को 24 कैरेट सोना ₹1,37,122 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। अब एक हफ्ते में ही इसमें ₹4,471 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं चांदी की बात करें तो पिछले सप्ताह इसका भाव ₹2,42,808 प्रति किलो था, जो अब बढ़कर ₹2,81,890 प्रति किलो हो गया है। यानी महज एक हफ्ते में चांदी ₹39,082 महंगी हो गई।
2025 में सोना 75% और चांदी 167% तक महंगी
साल 2025 की बात करें तो यह साल सोने-चांदी के लिए ऐतिहासिक रहा है।
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सोना:
31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था।
31 दिसंबर 2025 तक इसकी कीमत बढ़कर ₹1,33,195 प्रति 10 ग्राम हो गई।
यानि पूरे साल में सोना ₹57,033 (करीब 75%) महंगा हुआ। -
चांदी:
31 दिसंबर 2024 को चांदी ₹86,017 प्रति किलो थी।
31 दिसंबर 2025 को इसका भाव ₹2,30,420 प्रति किलो तक पहुंच गया।
इस तरह चांदी ₹1,44,403 (लगभग 167%) उछल गई।
सोने की कीमतों में तेजी के 3 बड़े कारण
1. डॉलर की कमजोरी
अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से डॉलर कमजोर हुआ है। डॉलर कमजोर होने पर सोना सस्ता पड़ता है, जिससे इसकी मांग बढ़ जाती है।
2. जियोपॉलिटिकल तनाव
रूस-यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट में अस्थिरता और वैश्विक तनाव के माहौल में निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। इसी वजह से गोल्ड में लगातार खरीदारी हो रही है।
3. रिजर्व बैंकों की भारी खरीदारी
चीन समेत कई देश अपने रिजर्व बैंक में सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय बैंक सालभर में 900 टन से ज्यादा सोना खरीद चुके हैं, जिससे कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण
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1. इंडस्ट्रियल डिमांड में उछाल
चांदी का इस्तेमाल अब सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं रहा। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है।
2. टैरिफ और ट्रेड वॉर का डर
अमेरिका में संभावित टैरिफ पॉलिसी को लेकर कंपनियां पहले से चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं। इससे ग्लोबल सप्लाई पर दबाव बढ़ा और कीमतें ऊपर चढ़ीं।
3. मैन्युफैक्चरर्स की होड़
प्रोडक्शन रुकने और सप्लाई चेन में बाधा के डर से मैन्युफैक्चरर पहले से खरीदारी कर रहे हैं, जिससे आने वाले महीनों में भी चांदी की तेजी बने रहने की संभावना है।
अपने शहर के सोने-चांदी के दाम क्यों अलग होते हैं

शहरों में सोने-चांदी के रेट में फर्क GST, मेकिंग चार्ज, ट्रांसपोर्ट और लोकल टैक्स के कारण होता है। इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट जरूर चेक करें।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का जरूर रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) हॉलमार्क वाला सोना ही लें। हॉलमार्क में अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जैसे AZ4524, जिससे शुद्धता की पुष्टि होती है।
2. कीमत जरूर क्रॉस-चेक करें
खरीदारी के दिन 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग-अलग होते हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन जैसी भरोसेमंद वेबसाइट से रेट जरूर मिलान करें।
आगे क्या सोना-चांदी और महंगे होंगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, जियोपॉलिटिकल तनाव और इंडस्ट्रियल डिमांड को देखते हुए आने वाले महीनों में भी सोने-चांदी में मजबूती बनी रह सकती है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी है।

