जयपुर के SMS हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की धमकी, 40 Crore की फिरौती मांगने वाला हरियाणा से डिटेन
एसएमएस हॉस्पिटल में बम धमकी से मचा हड़कंप, सर्च ऑपरेशन के बाद आरोपी हरियाणा से पकड़ा गया
राजधानी जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (एसएमएस) हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार सुबह अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी भरे संदेश में 40 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी और रकम नहीं देने पर अस्पताल को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस, साइबर सेल और अन्य जांच एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और अस्पताल परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। करीब दो से तीन घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि गहन जांच के बाद किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिसके बाद प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने राहत की सांस ली।

एसएमएस हॉस्पिटल के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि सुबह अचानक अस्पताल प्रशासन को बम धमाके की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया। अस्पताल परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर हर वार्ड, ओपीडी, पार्किंग क्षेत्र और अन्य संवेदनशील स्थानों की जांच की गई। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बना रहा। कई लोग घबराकर अस्पताल से बाहर निकलते दिखाई दिए, जबकि सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार धमकी भरा कॉल सुबह करीब साढ़े पांच से छह बजे के बीच अभय कमांड सेंटर को मिला था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि 40 करोड़ रुपए नहीं दिए गए तो एसएमएस हॉस्पिटल को बम से उड़ा दिया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर पुलिस ने तुरंत साइबर सेल को सक्रिय किया और कॉल करने वाले नंबर की जांच शुरू की गई।

एसएमएस हॉस्पिटल थानाधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि साइबर सेल की मदद से कॉल की लोकेशन हरियाणा में ट्रेस हुई। इसके बाद जयपुर पुलिस ने बिना देर किए हरियाणा पुलिस से संपर्क किया और एक विशेष टीम को आरोपी की तलाश में रवाना किया गया। तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी को हरियाणा से डिटेन कर लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने इतनी बड़ी फिरौती की मांग क्यों की और उसके पीछे क्या मंशा थी।
राजेश शर्मा ने बताया कि आरोपी को जल्द ही जयपुर लाया जाएगा, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले इस वारदात में शामिल था या उसके साथ कोई और लोग भी जुड़े हुए हैं। शुरुआती जांच में यह मामला शरारत, मानसिक अस्थिरता या फिरौती के प्रयास से जुड़ा हो सकता है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

धमकी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और आने-जाने वाले लोगों की जांच की गई। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमों ने भी पूरे परिसर की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस प्रकार की धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बरती गई।
घटना के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीजों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। कुछ समय के लिए अस्पताल की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित रहीं। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने पर चिकित्सा सेवाएं फिर से सुचारु रूप से शुरू कर दी गईं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया, कॉल रिकॉर्ड और आरोपी के मोबाइल डेटा की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी का किसी आपराधिक गिरोह या संगठित नेटवर्क से संबंध तो नहीं है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपी ने पहले भी इस तरह की धमकियां तो नहीं दी थीं।
इस घटना के बाद जयपुर के प्रमुख सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धमकी की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी हुई है और पूरे मामले के खुलासे का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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