जयपुर में NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी के खिलाफ CJP का प्रदर्शन आज, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग होगी प्रमुख मुद्दा
जयपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा सोमवार को राजधानी जयपुर में शिक्षा व्यवस्था, NEET पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ बड़ा विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। प्रदर्शन दोपहर 3 बजे गवर्नमेंट हॉस्टल स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित होगा, जिसके लिए पार्टी ने व्यापक तैयारियां की हैं।
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके रविवार देर रात जयपुर पहुंच गए। उनके आगमन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल देखा गया। पार्टी का दावा है कि यह आंदोलन केवल किसी एक संगठन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देशभर के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की आवाज को बुलंद करने का प्रयास है।

प्रदर्शन को लेकर जयपुर पुलिस और प्रशासन ने सशर्त अनुमति प्रदान की है। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम में अधिकतम 800 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति होगी। इसके साथ ही आयोजकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात बाधित नहीं होने देने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रदेशभर के युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले लोग अपने साथ तिरंगा, किताब और फूल लेकर आएं। उनके अनुसार तिरंगा देश के प्रति सम्मान का प्रतीक है, किताब शिक्षा और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि फूल शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध का संदेश देता है।
आशुतोष रांका ने कहा कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। छात्रों की वर्षों की मेहनत पर सवाल खड़े हुए हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने बेरोजगारी भी एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की तत्काल आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लड़ी जा रही है। प्रदर्शन के माध्यम से सरकार का ध्यान उन समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा, जिनका सामना देश के लाखों विद्यार्थी और युवा कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक ऐसे आंदोलन जारी रहेंगे।
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। पार्टी नेताओं का आरोप है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा संबंधी विवादों और पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय को लेनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की जाएगी।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने भरोसा दिलाया है कि प्रशासन की ओर से निर्धारित सभी नियमों और शर्तों का पालन किया जाएगा। वहीं, इस प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
जयपुर में होने वाला यह प्रदर्शन शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य में चर्चा का केंद्र बन गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रदर्शन में कितनी संख्या में लोग शामिल होते हैं और सरकार की ओर से इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

