SMS Hospital Parking System में बड़ा बदलाव, मरीजों को मिलेगी राहत
जयपुर SMS Hospital में Smart Parking System शुरू, हर साल मिलेगा 2 करोड़ रेवेन्यू
जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (SMS Hospital) में जल्द ही पार्किंग व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल रूप दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद मरीजों और उनके परिजनों को ओपीडी समय में वाहन पार्किंग को लेकर किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह पूरा बदलाव पूरी तरह Parking System को सुधारने और उसे स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
हॉस्पिटल प्रशासन ने परिसर में मौजूद सभी बेसमेंट और सरफेस पार्किंग का टेंडर निजी कंपनियों को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे न केवल पार्किंग व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि SMS प्रशासन को हर साल लगभग 2 करोड़ रुपए का अतिरिक्त रेवेन्यू भी मिलेगा। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य Parking System को व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।

नई व्यवस्था में सबसे खास बात यह होगी कि पूरे पार्किंग सिस्टम की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। किस बेसमेंट में कितनी गाड़ियां खड़ी हैं और कितनी जगह खाली है, इसकी पूरी जानकारी डिजिटल सिस्टम पर उपलब्ध रहेगी। हर वाहन की एंट्री और एग्जिट का रिकॉर्ड सीसीटीवी कैमरों और ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए रखा जाएगा। यह पूरा मॉडल Parking System को पूरी तरह स्मार्ट और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में तैयार किया गया है।
फिलहाल SMS अस्पताल की तीनों बेसमेंट पार्किंग पिछले काफी समय से गार्डों के भरोसे संचालित की जा रही थी, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती थी। ओपीडी समय में धन्वंतरि ब्लॉक, बांगड़ एरिया और चरक भवन के आसपास ट्रैफिक जाम की समस्या आम हो गई थी। इसी वजह से नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है ताकि Parking System को बेहतर बनाया जा सके।
अव्यवस्थित पार्किंग के कारण कई बार मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। एंबुलेंस, स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के मूवमेंट में भी बाधा आती थी। कई बार मरीजों को समय पर इलाज मिलने में भी देरी हो जाती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी समस्याओं में सुधार आने की उम्मीद है और पूरा Parking System सुचारू रूप से काम करेगा।
नई व्यवस्था में फास्टैग आधारित पार्किंग शुल्क वसूली की सुविधा भी जोड़ी गई है। मैन बिल्डिंग, धन्वंतरि ब्लॉक और ट्रोमा सेंटर की बेसमेंट पार्किंग के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर फास्टैग स्कैनर लगाए जाएंगे। इससे वाहन मालिकों को बिना रुके ऑटोमैटिक भुगतान की सुविधा मिलेगी। यह कदम Parking System को डिजिटल और कैशलेस बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
यदि किसी वाहन का फास्टैग काम नहीं करता है, तो ऐसे मामलों में यूपीआई या नकद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मरीज या परिजन को पार्किंग में परेशानी न हो और Parking System हर स्थिति में सुचारू रूप से चलता रहे।
इस टेंडर प्रक्रिया में कुल 5 कंपनियों ने भाग लिया। इसमें सबसे अधिक बोली मैसर्स SSE इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डवलपर्स प्रा.लि. ने 2 करोड़ 1 लाख रुपए की लगाई है। इसके बाद अन्य कंपनियों ने भी प्रतिस्पर्धी बोली लगाई। यह पूरी प्रक्रिया SMS अस्पताल के Parking System को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दूसरे नंबर पर मैसर्स के.एन. एंटरप्राइजेज जयपुर ने 1.80 करोड़ रुपए की बोली लगाई, जबकि अन्य कंपनियों ने भी 1.73 करोड़, 1.62 करोड़ और 1.48 करोड़ रुपए की बोली प्रस्तुत की। सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी को यह कार्य सौंपने की तैयारी चल रही है, जिससे भविष्य में Parking System अधिक संगठित हो जाएगा।
नई व्यवस्था शुरू होने के बाद अस्पताल परिसर में ट्रैफिक व्यवस्था काफी हद तक सुधरने की उम्मीद है। मरीजों और उनके परिजनों को पार्किंग को लेकर राहत मिलेगी और अस्पताल प्रशासन को एक स्थायी राजस्व मॉडल भी मिलेगा। यह पूरी योजना Parking System को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का एक उदाहरण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि अस्पताल की सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। SMS अस्पताल जैसे बड़े संस्थान में इस तरह का Parking System मॉडल अन्य सरकारी अस्पतालों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
कुल मिलाकर यह नई पार्किंग व्यवस्था जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम साबित होगी। यह पूरा प्रोजेक्ट भविष्य में Parking System को एक नई पहचान देगा और मरीजों के अनुभव को अधिक सहज और सुविधाजनक बनाएगा।
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