Bareilly Triple Talaq Case: बरेली कोर्ट परिसर में डॉक्टर ने पत्नी को दिया तीन तलाक, दहेज में ₹1 करोड़ मांगने का आरोप

बरेली ट्रिपल तलाक केस (Bareilly Triple Talaq Case) उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आया एक ऐसा मामला है जिसने दहेज उत्पीड़न, वैवाहिक विवाद और कथित तौर पर कोर्ट परिसर में तीन तलाक देने के आरोपों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता की शिकायत पर बरेली के कैंट थाने में पति सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Bareilly Triple Talaq Case: क्या है पूरा मामला?
पीड़िता के अनुसार उसका निकाह उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के सुल्तानपुर आदमपुर निवासी एमबीबीएस डॉक्टर मुस्तकीम से हुआ था। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा।
महिला का कहना है कि उसके पति और ससुराल पक्ष ने डॉक्टर के लिए अस्पताल खोलने के नाम पर एक करोड़ रुपये की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया गया। पीड़िता का आरोप है कि उसे लगातार दबाव में रखा गया और कई बार अपमानित भी किया गया।
संपत्ति को लेकर भी लगाया दबाव
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने संपत्ति संबंधी मामलों में भी दबाव बनाया। उसका कहना है कि अधिक आर्थिक लाभ लेने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए ज्यादा जमीन दिखाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
जान से मारने की धमकी देने का आरोप
महिला का आरोप है कि वर्ष 2023 में पति और उसके परिजन बरेली आए थे, जहां उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ।
पीड़िता के मुताबिक बाद में जब वह हरिद्वार में सहायक अध्यापक के साक्षात्कार के लिए गई, तब रास्ते में पति ने उसे रोक लिया और दोबारा एक करोड़ रुपये की मांग की। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर लाइसेंसी बंदूक दिखाकर डराया गया और तीन तलाक दे दिया गया। इस संबंध में उसने हरिद्वार के कनखल थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी।
कोर्ट परिसर में फिर दिया तीन तलाक
पीड़िता के अनुसार 3 जुलाई 2026 को बरेली न्यायालय परिसर में उसकी मुलाकात पति से हुई। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर ने कथित तौर पर कहा कि वह “यूसीसी कानून नहीं, शरीयत को मानता हूं” और इसके बाद दोबारा तीन तलाक बोल दिया।
महिला का कहना है कि इस घटना के बाद उसने तत्काल कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मामले में सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सभी आरोप शिकायत के आधार पर दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी प्रक्रिया जारी
यह मामला दहेज उत्पीड़न, कथित तीन तलाक, धमकी और वैवाहिक विवाद जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।

