Abhishek Banerjee Attack मामले में 5 गिरफ्तार, ममता बनर्जी ने भाजपा और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दक्षिण सोनारपुर में टीएमसी सांसद पर हमले के बाद बंगाल की राजनीति गरमाई, जांच में जुटी पुलिस
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में हुए Abhishek Banerjee Attack मामले ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई है। Abhishek Banerjee Attack के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और टीएमसी तथा भाजपा आमने-सामने आ गए हैं।

शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के दक्षिण सोनारपुर क्षेत्र में Abhishek Banerjee Attack की घटना सामने आई थी। अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उनके काफिले को घेर लिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कथित तौर पर अभिषेक बनर्जी पर हमला कर दिया गया। इस Abhishek Banerjee Attack में उन्हें चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने Abhishek Banerjee Attack को एक सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यदि अभिषेक बनर्जी ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें राज्य में अस्थिरता पैदा करना चाहती हैं और Abhishek Banerjee Attack उसी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को पहले अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। बाद में उन्हें बेले व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अस्पताल पहुंचीं और उनका हालचाल जाना। अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Abhishek Banerjee Attack को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा नेताओं और दक्षिण कोलकाता के डीसीपी की ओर से अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि Abhishek Banerjee Attack के बाद अभिषेक की चिकित्सा स्थिति को लेकर अस्पताल पर अनावश्यक हस्तक्षेप किया गया। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि यदि उनकी हालत गंभीर नहीं थी तो उन्हें आईटीयू में क्यों रखा गया और फिर अचानक डिस्चार्ज क्यों कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब Abhishek Banerjee Attack में घायल अभिषेक बनर्जी का इलाज घर पर ही किया जाएगा। उनके आवास पर ऑक्सीजन सिलेंडर सहित सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। टीएमसी नेताओं का कहना है कि चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है।
उधर पुलिस ने Abhishek Banerjee Attack मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस बीच टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि चंडीतला क्षेत्र में उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना के बाद विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Abhishek Banerjee Attack आने वाले समय में बंगाल की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
दक्षिण सोनारपुर क्षेत्र लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। यहां चुनावों के दौरान और चुनाव के बाद कई बार हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विधानसभा चुनाव 2026 के बाद भी इस क्षेत्र में हिंसा की कई घटनाएं दर्ज की गई थीं। इसी पृष्ठभूमि में हुआ Abhishek Banerjee Attack राजनीतिक दलों के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। इसके बाद से राज्य में राजनीतिक संघर्ष और अधिक तीव्र हो गया है। ऐसे में Abhishek Banerjee Attack को लेकर चल रही जांच और राजनीतिक बयानबाजी पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। टीएमसी इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बता रही है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। हालांकि एक बात साफ है कि Abhishek Banerjee Attack ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मामले को और अधिक चर्चा में ला सकती हैं।
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