वाल्मीकि समाज की हड़ताल दूदू में समाप्त
वाल्मीकि समाज की हड़ताल दूदू में प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल समाप्त हो गई है। कई दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाईकर्मियों और समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। सहमति बनने के बाद सफाईकर्मियों ने 20 अगस्त से काम पर लौटने का फैसला किया।
समाज के प्रतिनिधियों के मुताबिक, लंबे समय से मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा था। अनशन और हड़ताल के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं मिलने पर समाज के लोगों ने अपनी समस्याओं को संबंधित प्रतिनिधियों और प्रशासन के सामने रखा। इसके बाद दूदू में आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई।
प्रशासन ने मांगों पर कार्रवाई का दिया आश्वासन
वार्ता के दौरान वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने सफाईकर्मियों से जुड़ी समस्याओं और लंबित मांगों को प्रशासन के सामने रखा। प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रशासन की ओर से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने और संबंधित प्रकरण को राजस्थान सरकार तक भेजने का आश्वासन दिया गया है।
आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने फिलहाल हड़ताल समाप्त करने पर सहमति जताई। हालांकि, समाज ने साफ किया कि आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, बल्कि प्रशासन को मांगों पर कार्रवाई के लिए समय दिया गया है।

दूदू में सफाईकर्मियों की नई संगठन समिति का गठन
वाल्मीकि समाज की हड़ताल के दौरान दूदू में सफाई मजदूरों की संगठन समिति का गठन भी किया गया। इस दौरान नई कार्यकारिणी बनाई गई, जिसमें समाज के प्रतिनिधियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक में समाज की महिलाओं, सफाईकर्मियों और अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने दूदू मजिस्ट्रेट और नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सफाईकर्मियों की विभिन्न मांगों के साथ संविदा सफाई भर्ती से जुड़ी मांग को भी प्रमुखता से रखा गया।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि सफाईकर्मियों की समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रशासन के सामने मांगों को रखा गया और आगे की कार्रवाई के लिए आश्वासन लिया गया।
जयपुर से भी पहुंचे वाल्मीकि समाज के पदाधिकारी
आंदोलन के दौरान जयपुर से वाल्मीकि समाज के कई पदाधिकारी भी दूदू पहुंचे। इनमें विक्रम वाल्मीकि, रमेश चेड़वाल, अर्जुन वैद, शंभू उम्रवाल, अनिल झुंझ और सुरेश कालोशिया शामिल रहे।
प्रतिनिधियों ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और मांगों की जानकारी ली। इस दौरान प्रशासन के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर भी चर्चा हुई।
समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई और प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा दिया गया। इसी के बाद सफाईकर्मियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया।
15 दिन का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानी तो भूख हड़ताल
वाल्मीकि समाज की हड़ताल समाप्त करने के साथ ही समाज ने प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि इस अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।
समाज ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में दूदू मजिस्ट्रेट कार्यालय पर सामूहिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। यानी फिलहाल सफाईकर्मी अपने काम पर लौट गए हैं, लेकिन मांगों को लेकर समाज की निगरानी जारी रहेगी।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन के आश्वासन के आधार पर आंदोलन को स्थगित किया गया है। अब अगले 15 दिनों में मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
नई कार्यकारिणी में किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?
दूदू में गठित सफाई मजदूर संगठन समिति की नई कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों का चयन किया गया।
- हरीश गोयर – अध्यक्ष
- आशीष गुजराती – उपाध्यक्ष
- महेंद्र सारसर – महामंत्री
- बुदालाल गुजराती – उपमहामंत्री
- भागचंद गुजराती – संगठन मंत्री
- हनुमान कलोसिया – प्रचार मंत्री
- सोना देवी – महिला मंत्री
- गीता देवी – महिला मंत्री
- विमल सारसर – कोषाध्यक्ष
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद समाज की मांगों को संगठित तरीके से प्रशासन के सामने रखने और आगे की रणनीति तय करने की जिम्मेदारी पदाधिकारियों पर रहेगी।
सफाईकर्मियों के काम पर लौटने से राहत की उम्मीद
हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाईकर्मियों के काम पर लौटने से दूदू में सफाई व्यवस्था को लेकर राहत की उम्मीद है। कई दिनों से आंदोलन के चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई थी। अब सफाईकर्मियों के वापस काम पर आने के बाद व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।
हालांकि, आंदोलन स्थगित होने के बावजूद समाज की मुख्य मांगों का समाधान होना अभी बाकी है। प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है और समाज ने 15 दिन की समयसीमा तय की है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण रहेगी।
आगे क्या होगा?
फिलहाल वाल्मीकि समाज की हड़ताल समाप्त हो चुकी है और सफाईकर्मी काम पर लौट गए हैं। प्रशासन को मांगों पर कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यदि इस दौरान मांगों को लेकर ठोस निर्णय होता है तो आंदोलन आगे नहीं बढ़ेगा। वहीं, मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर समाज ने सामूहिक भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
इस पूरे मामले में अब दूदू प्रशासन और राजस्थान सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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