राजस्थान में अगले सप्ताह तक तेज आंधी बारिश का अलर्ट, मानसून जल्द पहुंचेगा
राजस्थान में प्री-मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार, 25 जून को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। राजधानी जयपुर सहित अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर, नागौर, भीलवाड़ा और जोधपुर के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन कई शहरों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने शुक्रवार, 26 जून को भी प्रदेश के 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और आगामी चार से पांच दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान में प्रवेश कर सकता है।
राजधानी जयपुर में गुरुवार को सबसे अधिक असर देखने को मिला। महज 30 मिनट में करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर की कई प्रमुख सड़कें पानी से लबालब भर गईं। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई स्थानों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गई। बारिश के दौरान तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़क पर गिर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। नागौर, भीलवाड़ा, जोधपुर और कोटा के कई इलाकों में 20 से 35 मिलीमीटर तक वर्षा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली क्योंकि लंबे समय से मानसून का इंतजार किया जा रहा था। खेतों में नमी आने से खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही तो खेती के लिए यह बेहद लाभदायक साबित होगी।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। इसी वजह से कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। तेज हवाओं के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही किसानों को भी मौसम की जानकारी पर नजर रखने और आवश्यकता अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं तो अगले चार से पांच दिनों में मानसून राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में दस्तक दे सकता है। मानसून के प्रवेश के साथ ही बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट दर्ज होगी तथा लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलेगी।
बारिश के चलते प्रदेश के कई जलाशयों और बांधों में भी पानी की आवक शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। यदि आगामी दिनों में लगातार अच्छी वर्षा होती है तो पेयजल संकट से जूझ रहे कई क्षेत्रों को राहत मिल सकती है। वहीं पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए भी यह बारिश बेहद लाभदायक मानी जा रही है।
फिलहाल राजस्थान में मौसम पूरी तरह बदल चुका है और आने वाले दिनों में अधिकांश जिलों में बादल, तेज हवाएं और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

