नागपुर हाईवे पर हजारों किसानों का प्रदर्शन, भारत बंद की चेतावनी के चलते लगा लंबा जाम; जानें प्रमुख मांगें

भारत बंद महाराष्ट्र के नागपुर हाईवे मंगलवार रात से ही किसानों का बड़ा आंदोलन जारी है, जिसका नेतृत्व महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक बच्चू कडू कर रहे हैं। हजारों किसानों ने नागपुर शहर की सीमा पर प्रदर्शन करते हुए अपने प्रमुख मांगों को लेकर “महाएलगार मोर्चा” निकाला। इस दौरान बच्चू कडू स्वयं ट्रैक्टर चलाकर किसानों के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और आवश्यक होने पर भारत बंद और ट्रेन रोकने जैसी चेतावनी भी दे रहे हैं।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
बच्चू कडू और उनके समर्थक किसानों की मांगों में सबसे प्रमुख है महाराष्ट्र के किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी। इसके अलावा, भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुई फसल को हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की जा रही है। राज्य के दिव्यांग नागरिकों को हर माह ₹6,000 की वित्तीय सहायता देने और किसानों की फसल के लिए हमी भाव (Minimum Support Price) सुनिश्चित करने की भी मांग शामिल है। यह सभी मांगें किसानों की आर्थिक सुरक्षा और जीवन स्तर सुधारने के लिए अहम मानी जा रही हैं।
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सड़क पर लंबा जाम
29 अक्टूबर को आंदोलन का दूसरा दिन है और बच्चू कडू के समर्थक सुबह से ही सक्रिय हैं। उन्होंने नागपुर-हैदराबाद हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया है, जिससे लगभग 25 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। ट्रक, कार, दोपहिया वाहन सभी जाम में फंसे हैं। इसके अलावा, छोटे रास्तों को भी ब्लॉक किया गया है और कांटेदार पेड़ सड़क पर डालकर वाहनों की आवाजाही रोकने की कोशिश की जा रही है। आम जनता को इससे भारी परेशानी हो रही है और कई लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
भारत बंद की चेतावनी
बच्चू कडू ने राज्य सरकार को दोपहर 12 बजे तक अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे भारत बंद और ट्रेन रोकने जैसी कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा, “इस बार हम पीछे नहीं हटेंगे। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। सरकार को हमारी आवाज सुननी ही होगी।” कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने हाईवे और आसपास के इलाकों में भारी बल तैनात किया है।
किसानों की आक्रोशित भावना
किसानों का कहना है कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं और कृषि संकट के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई किसान कर्ज के दबाव में हैं और उनकी फसलें भारी बारिश, बेमौसम तूफानों और कीट-पतंगों से नष्ट हो गई हैं। ऐसे में सरकार से उनकी मांग है कि किसानों को आर्थिक सुरक्षा दी जाए और कर्जमाफी तथा मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। बच्चू कडू ने इस आंदोलन में किसानों की आवाज को प्रभावशाली बनाने के लिए स्वयं नेतृत्व संभाला और ट्रैक्टर मार्च के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।

आम जनता पर प्रभाव
आंदोलन के चलते आम लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। नागपुर-हैदराबाद हाईवे ब्लॉक होने से व्यापार और यात्रा प्रभावित हो रही है। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन किसानों की सड़कों पर संख्या और उनकी आक्रामकता के कारण जाम लंबा खिंच गया है।
नागपुर हाईवे पर किसानों का यह प्रदर्शन और भारत बंद की चेतावनी महाराष्ट्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। बच्चू कडू के नेतृत्व में यह आंदोलन किसानों की आर्थिक और सामाजिक मांगों को उजागर करता है। अब यह देखना होगा कि सरकार उनकी मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से कैसे सुलझाया जाता है। किसानों की नाराजगी और सड़क पर जाम की स्थिति से साफ है कि सरकार को इस मामले में त्वरित और संवेदनशील कदम उठाने होंगे।
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