जयपुर के एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला
जयपुर के मुहाना इलाके से एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। बुधवार दोपहर ट्यूशन से लौटने के बाद चारों नाबालिग भाई-बहन बिना किसी को बताए घर से निकल गए और देर शाम तक वापस नहीं लौटे। बच्चों के अचानक गायब होने से दोनों परिवारों में हड़कंप मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पुलिस अलग-अलग टीमें बनाकर शहरभर में बच्चों की तलाश में जुटी हुई है। सीसीटीवी फुटेज, ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ और संभावित रूट की जांच के जरिए बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
मुहाना थाना प्रभारी गुर भूपेंद्र ने बताया कि लापता होने वालों में 13 वर्षीय किशोरी, उसकी 9 वर्षीय बहन, उनके चचेरे भाई की 11 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटा शामिल हैं। बुधवार को चारों बच्चे रोज की तरह ट्यूशन गए थे और दोपहर करीब दो बजे घर लौटे। कुछ देर बाद वे बिना किसी को बताए घर से निकल गए। शुरुआत में परिवार को लगा कि बच्चे आसपास खेल रहे होंगे, लेकिन जब देर शाम तक वे वापस नहीं लौटे तो चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के साथ मिलकर आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल सका।

बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही मुहाना थाना पुलिस हरकत में आई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान मिले फुटेज में चारों बच्चे एक साथ मालपुरा गेट की ओर जाते हुए दिखाई दिए। एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में बच्चे एक चूड़ी की दुकान पर रुककर चूड़ियां देखते नजर आए। वहीं दूसरी फुटेज में वे एक ई-रिक्शा के पास खड़े दिखाई दिए। पुलिस अब उस इलाके के ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चों ने किसी वाहन से आगे की यात्रा की थी या नहीं।
पुलिस का कहना है कि बच्चों के पास मोबाइल फोन नहीं थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना संभव नहीं है। यही कारण है कि जांच पूरी तरह सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों की जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित है। पुलिस लगातार बच्चों के संभावित रूट पर लगे सभी कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटा रही है ताकि उनकी गतिविधियों की कड़ी जोड़ी जा सके।
घटना के बाद दोनों परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। घर में मातम जैसा माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि बच्चों ने कभी पहले इस तरह घर छोड़ने जैसी हरकत नहीं की थी। वे किसी भी तरह के विवाद या नाराजगी की बात से भी इनकार कर रहे हैं। परिवार केवल बच्चों की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहा है और पुलिस से जल्द से जल्द उन्हें खोज निकालने की अपील कर रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं। मालपुरा गेट बस स्टैंड, बाजार, सार्वजनिक स्थानों, पार्कों और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस हर उस व्यक्ति से पूछताछ कर रही है जिसने बच्चों को आखिरी बार देखा हो या उनके बारे में कोई जानकारी रखता हो।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच हर संभावित एंगल से की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। फिलहाल बच्चों के अपहरण या किसी अन्य आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिल रही जानकारी के आधार पर जल्द ही चारों बच्चों का पता लगा लिया जाएगा। वहीं परिजन भी बच्चों की सुरक्षित घर वापसी की आस लगाए हुए हैं और पूरे शहर की निगाहें इस खोज अभियान पर टिकी हुई हैं।

