जयपुर तीज सवारी 15 अगस्त को: त्रिपोलिया गेट से निकलेगी शाही सवारी, 175 लोक कलाकार दिखाएंगे राजस्थान की संस्कृति
जयपुर तीज सवारी: जयपुर में 15 अगस्त को तीज माता की भव्य शाही सवारी निकाली जाएगी। त्रिपोलिया गेट से शाम 5:30 बजे शुरू होने वाली इस ऐतिहासिक सवारी में राजस्थान की लोक संस्कृति, शौर्य और परंपरा का शानदार संगम देखने को मिलेगा। इस बार करीब 175 लोक कलाकार शाही लवाजमे का हिस्सा बनेंगे, जबकि शहर के 13 प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के जरिए सवारी का लाइव प्रसारण किया जाएगा।
शाही सवारी को इस बार आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है। सवारी के दौरान ड्रोन से पुष्पवर्षा कराई जाएगी। वहीं शौर्य सेवा संगठन की बालिकाएं तलवारबाजी का प्रदर्शन कर महिला सशक्तीकरण और राजस्थान की वीर परंपरा का संदेश देंगी।

जयपुर तीज सवारी में दिखेगा लोक संस्कृति का रंग
जयपुर तीज सवारी के दौरान राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से आए कलाकार पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां देंगे। कच्ची घोड़ी, गैर, कालबेलिया, चरी-घूमर, चंग-ढप, मांगणियार गायन, भपंग, रावणहत्था, कठपुतली और बहुरूपिया जैसी लोक कलाएं सवारी का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में लोक वाद्यों के साथ प्रस्तुति देंगे। इससे जयपुर की सड़कों पर राजस्थान की विविध लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, इस बार तीज सवारी को परंपरा, आस्था, लोक संस्कृति, शौर्य और आधुनिक तकनीक के मेल के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है।


13 जगहों पर होगा लाइव प्रसारण
त्रिपोलिया गेट तक नहीं पहुंच पाने वाले लोगों के लिए पर्यटन विभाग ने जयपुर के अलग-अलग हिस्सों में लाइव प्रसारण की व्यवस्था की है।
शहर के 13 प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। इनमें अजमेरी गेट, न्यू गेट, सरावगी मेंशन, मोती डूंगरी, त्रिमूर्ति सर्किल, रामबाग सर्किल, एसएमएस स्टेडियम, महाराजा कॉलेज, बिड़ला मंदिर, राजस्थान विश्वविद्यालय, राजस्थान कॉलेज, ओटीएस चौराहा और जवाहर सर्किल शामिल हैं।
इन स्थानों पर बड़ी स्क्रीन के जरिए लोग तीज माता की शाही सवारी की झलक देख सकेंगे। इससे मुख्य मार्ग पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बालिकाएं दिखाएंगी तलवारबाजी का हुनर
इस बार जयपुर तीज सवारी में महिला सशक्तीकरण को भी खास स्थान दिया गया है। शौर्य सेवा संगठन की बालिकाएं सवारी के दौरान तलवारबाजी का प्रदर्शन करेंगी।
तीज माता की आस्था और पारंपरिक उत्सव के बीच बालिकाओं का यह प्रदर्शन राजस्थान की शौर्य परंपरा को दर्शाएगा। आयोजन में संस्कृति के साथ बेटियों के आत्मविश्वास और साहस का संदेश भी दिया जाएगा।
इसके अलावा ड्रोन से पुष्पवर्षा सवारी के आकर्षण को और बढ़ाएगी।
सिटी पैलेस से पौंड्रिक पार्क तक जाएगा शाही लवाजमा
तीज माता की शाही सवारी सिटी पैलेस से निकलकर त्रिपोलिया गेट, छोटी चौपड़ और गणगौरी बाजार होते हुए तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क पहुंचेगी। कार्यक्रम पूरा होने के बाद सवारी वापस सिटी पैलेस लौटेगी।
इस बार शाही लवाजमे में घोड़ों और ऊंटों की संख्या भी बढ़ाई गई है। इससे सवारी का पारंपरिक राजसी स्वरूप और अधिक भव्य दिखाई देगा।
छोटी चौपड़ पर भी विशेष कार्यक्रम होंगे। यहां तीज माता की महाआरती के साथ जेल बैंड और आरएसी बैंड की प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
छोटी चौपड़ और तालकटोरा बनेंगे प्रमुख आकर्षण
शाही सवारी के दौरान छोटी चौपड़ प्रमुख सांस्कृतिक पड़ाव के रूप में नजर आएगी। यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तीज माता की महाआरती देखने का अवसर मिलेगा।
जयपुर व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों की ओर से भी तीज माता की सवारी पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके बाद तालकटोरा स्थित पौंड्रिक पार्क में लोक कलाकार राजस्थान की पारंपरिक कला और संस्कृति की प्रस्तुतियां देंगे।
तालकटोरा में कला मेले का भी आयोजन किया जाएगा। यहां आने वाले लोगों को लोक कला और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए भी व्यवस्था
जयपुर तीज सवारी हर साल देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहती है। इस बार भी पर्यटकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
विदेशी पर्यटकों के बैठने के लिए हिंद होटल के टैरेस और होटल के नीचे बरामदों के पास व्यवस्था की जा रही है। इससे पर्यटक शाही सवारी को बेहतर तरीके से देख सकेंगे और जयपुर की पारंपरिक संस्कृति का अनुभव ले सकेंगे।
तीज सवारी में क्या-क्या रहेगा खास?
- 15 अगस्त को शाम 5:30 बजे शाही सवारी
- त्रिपोलिया गेट से मुख्य सवारी की शुरुआत
- करीब 175 लोक कलाकार होंगे शामिल
- 13 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन से लाइव प्रसारण
- ड्रोन से पुष्पवर्षा
- बालिकाओं का तलवारबाजी प्रदर्शन
- कच्ची घोड़ी और कालबेलिया नृत्य
- चरी-घूमर और गैर नृत्य
- मांगणियार गायन और पारंपरिक लोक वाद्य
- कठपुतली और बहुरूपिया प्रस्तुतियां
- छोटी चौपड़ पर महाआरती और बैंड प्रस्तुति
- पौंड्रिक पार्क में कला मेले का आयोजन
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