कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: PM मोदी की खिलाड़ियों से खास मुलाकात, मीराबाई के आंसू और मजेदार किस्से
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं से PM मोदी की मुलाकात
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले और पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की। नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान अपने अनुभव, संघर्ष और यादगार पलों को प्रधानमंत्री के साथ साझा किया।
बातचीत के दौरान माहौल कई बार भावुक हुआ तो कुछ खिलाड़ियों के किस्सों ने सभी को हंसा भी दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि पिछले करीब एक दशक से उनके आवास पर खिलाड़ियों से नियमित मुलाकात होती रही है। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों की लगातार मेहनत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन ने देश का गौरव बढ़ाया है।
मीराबाई चानू के आंसुओं पर PM मोदी ने कही खास बात
वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने प्रदर्शन और पोडियम पर बिताए पल को याद किया। उन्होंने बताया कि पेरिस ओलिंपिक में पदक से चूकने के बाद का समय उनके लिए आसान नहीं था। चोटों के साथ-साथ निजी और पारिवारिक परेशानियों ने भी उनकी चुनौतियां बढ़ाईं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद जब वह पोडियम पर खड़ी थीं और राष्ट्रगान बज रहा था, तब वह भावुक हो गईं।
मीराबाई ने कहा कि उस समय वह अपने आंसुओं को रोक नहीं सकीं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनके भावुक पल को याद करते हुए कहा कि उन्हें लगा जैसे मीराबाई की आंखों से गिरने वाली हर बूंद सोने के पदक जैसी है।
मीराबाई ने महिलाओं की 48 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल हासिल किया।
नरेंद्र बेरवाल ने सुनाया पाकिस्तान के बॉक्सर से जुड़ा मजेदार किस्सा
मुलाकात के दौरान बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स से जुड़ी एक घटना साझा की। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में उनका सामना पाकिस्तान के एक बॉक्सर से हुआ था।
मुकाबले से पहले भारतीय सेना की ओर से उन्हें फोन आया और पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले को लेकर खास तौर पर जीत दर्ज करने के लिए कहा गया था। बेरवाल ने मुकाबले में जीत हासिल की। लड़ाई के दौरान दोनों खिलाड़ी चोटिल भी हुए और बाद में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे।
बेरवाल के मुताबिक, अस्पताल में पाकिस्तानी बॉक्सर ने उनसे बातचीत के दौरान कहा कि उनका नाम नरेंद्र है, उनके कोच का नाम भी नरेंद्र है और भारत के प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है।
इसके बाद उसने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उसे ‘नरेंद्र’ नाम से ही नफरत होने लगी है। नरेंद्र बेरवाल का यह किस्सा सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक सके।
जादुमणि सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ जीत को बताया खास
बॉक्सर जादुमणि सिंह ने भी पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले में उन्होंने पाकिस्तान के रहमान सुमामा को 5-0 से हराया था।
यह मुकाबला कारगिल विजय दिवस के अवसर पर हुआ था। भारतीय सेना से जुड़े होने के कारण जादुमणि ने बताया कि उनके लिए यह मुकाबला भावनात्मक रूप से भी खास था।
उन्होंने पहले ही मन बना लिया था कि इस मुकाबले में पूरी ताकत लगाकर जीत हासिल करनी है। जीत के बाद उन्होंने अपना पदक कारगिल युद्ध के वीर जवानों को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने जादुमणि के जज्बे और देश के वीरों के प्रति उनके सम्मान की सराहना की।
सीमा कालीरमन ने बताया दोस्तों से किया वादा
हरियाणा की एथलीट सीमा कालीरमन ने भी प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखी।
उन्होंने बताया कि उनके दोस्त अक्सर उनसे मजाक में पूछते थे कि क्या उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। सीमा ने कहा कि अब वह अपने दोस्तों को गर्व के साथ बता सकेंगी कि हां, वह प्रधानमंत्री से मिली हैं।
सीमा ने डिस्कस थ्रो में 58.65 मीटर का प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

लवलीना बोरगोहेन ने गलत नक्शे पर जताई थी आपत्ति
बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन से जुड़ा एक प्रसंग भी मुलाकात में चर्चा का विषय बना। ग्लासगो के एक रेस्टोरेंट में भारत का गलत नक्शा प्रदर्शित किए जाने पर लवलीना ने आपत्ति जताई थी।
उन्होंने रेस्टोरेंट के कर्मचारियों से नक्शे को सही करने के लिए कहा था। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके इस कदम की तारीफ करते हुए कहा कि पदक जीतने की खुशी के बीच भी उन्होंने देश से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर ध्यान दिया।
प्रधानमंत्री ने लवलीना के इस कदम को देश के प्रति जिम्मेदारी और सजगता का उदाहरण बताया।
दिलीप महादु गावित ने मेडल अपने कोच को किया समर्पित
पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने भी अपनी सफलता के पीछे कोच के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि जिस दिन उनका मुकाबला था, उसी दिन गुरु पूर्णिमा भी थी।
इस खास मौके पर उन्होंने अपना गोल्ड मेडल अपने गुरु यानी कोच को समर्पित कर दिया।
दिलीप ने पैरा T47 कैटेगरी की 100 मीटर दौड़ में 10.71 सेकेंड का समय दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक जीता था।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 पदक अपने नाम किए। इनमें 13 गोल्ड मेडल शामिल रहे।
भारत के लिए बॉक्सिंग सबसे सफल खेलों में रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक जीते, जिनमें 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल शामिल रहे।
एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने 10 पदक हासिल किए। वेटलिफ्टिंग में 8, पैरा एथलेटिक्स में 6, जूडो में 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग में 1 पदक भारत के खाते में आया।
इस तरह भारत के कुल 39 पदकों में से 37 पदक इन पांच प्रमुख खेलों से आए।
खिलाड़ियों की मेहनत को PM मोदी ने सराहा
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान उनकी मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे पूरे देश का गौरव बढ़ता है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन किया। किसी ने चोट और मुश्किल दौर से वापसी करते हुए पदक जीता, तो किसी ने देशभक्ति और आत्मविश्वास के साथ अपने मुकाबले को यादगार बनाया।
प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात में खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए और कई ऐसे किस्से सामने आए, जिन्होंने इस मुलाकात को भावुक और यादगार बना दिया।
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