दिल्ली पुलिस ने मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया’ — E20 पेट्रोल पर विरोध प्रदर्शन से पहले तहसीन पूनावाला का दावा
एथेनॉल-मिश्रित ईंधन नीति के खिलाफ मार्च और भूख हड़ताल की घोषणा के बाद कार्यकर्ता ने पुलिस पर नज़रबंदी का आरोप लगाया
सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें उनके घर में नज़रबंद कर दिया है, ठीक उस दिन जब वे E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ मौन मार्च निकालने और भूख हड़ताल पर बैठने वाले थे
पूनावाला ने शनिवार को अपने X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर कई तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्हें बेवजह ही दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश पार्ट-वन स्थित उनके घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया है।
एक वीडियो में पूनावाला मौके पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी से बातचीत करते नज़र आते हैं। इसमें कार्यकर्ता पुलिस अफसर से यह कहते सुने जा सकते हैं कि स्वतंत्रता दिवस से महज 15 दिन पहले उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। एक अन्य क्लिप में वे अधिकारी से यह भी पूछते दिखते हैं कि बिना किसी लिखित आदेश या दस्तावेज़ के उनकी आवाजाही पर रोक कैसे लगाई जा सकती है।
कार्यकर्ता ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्र सरकार की एथेनॉल-मिश्रित ईंधन नीति के खिलाफ लंबे समय से मुहिम छेड़ रखी है। उनका आरोप है कि सरकार असहमति की आवाज़ों को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।
क्यों विवादों में है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल नीति को लेकर केंद्र सरकार को कई राजनीतिक दलों और आम उपभोक्ताओं की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। E20 का मतलब है वह पेट्रोल जिसमें 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल का मिश्रण होता है। बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की है कि इस मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल से उनकी गाड़ी का माइलेज घटा है और रखरखाव का खर्च भी बढ़ गया है।
E20 पेट्रोल क्या है-E20 उस पेट्रोल को कहा जाता है जिसमें 80% पारंपरिक पेट्रोल और 20% एथेनॉल मिलाया जाता है। केंद्र सरकार इसे प्रदूषण घटाने और आयात पर निर्भरता कम करने वाला कदम बताती रही है।
सरकार का पक्ष
सरकार के अधिकारियों का यह भी कहना है कि आने वाले नए वाहन पूरी तरह E20 अनुकूल इंजन के साथ बनाए जा रहे हैं, इसलिए भविष्य में उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। हालांकि पूनावाला जैसे कार्यकर्ताओं का तर्क है कि इस बदलाव का बोझ सीधे आम उपभोक्ता, खासकर पुराने वाहन मालिकों पर डाला जा रहा है, और उनसे इस बारे में पर्याप्त सलाह-मशविरा नहीं किया गया।
फिलहाल दिल्ली पुलिस की ओर से पूनावाला के हाउस अरेस्ट के दावे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। न ही यह स्पष्ट हुआ है कि पुलिस ने किस कानूनी प्रावधान के तहत उनके घर के बाहर बल तैनात किया, अगर वाकई ऐसा किया गया है। पूनावाला के समर्थकों और कुछ विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे असहमति को कुचलने की कोशिश बताया है, वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन के इस कदम को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय भी करार दिया है। मामले में स्थिति लगातार बदल रही है और आगे की जानकारी मिलते ही खबर अपडेट की जाएगी।
नोट: यह खबर उपलब्ध सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। तहसीन पूनावाला के हाउस अरेस्ट के दावे की दिल्ली पुलिस द्वारा अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है
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