World Updates : वेनेजुएला की मचाडो ने ट्रम्प को नोबेल मेडल भेंट किया, अमेरिकी राष्ट्रपति पर जताया भरोसा
ट्रम्प-मचाडो मुलाकात का ऐतिहासिक संदर्भ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से मुलाकात की। यह बैठक वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की किडनैपिंग के बाद ट्रम्प की किसी भी वेनेजुएला नेता से पहली आमने-सामने मुलाकात थी।
2. नोबेल पुरस्कार का ऐतिहासिक तोहफा

बैठक के बाद मचाडो ने बताया कि उन्होंने ट्रम्प को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का पदक भेंट किया। उन्होंने कहा, “आज वेनेजुएलावासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है।” हालांकि व्हाइट हाउस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रम्प ने मेडल स्वीकार किया या नहीं।
3. नोबेल संस्थान के नियम
नोबेल फाउंडेशन के अनुसार, पुरस्कार की घोषणा के बाद इसे रद्द या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। पदक सोने का होता है और इसे व्यक्तिगत संपत्ति की तरह गिफ्ट किया जा सकता है, लेकिन उपाधि हमेशा मूल विजेता की रहती है।
4. मचाडो का अमेरिकी राष्ट्रपति पर भरोसा
व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद मचाडो ने समर्थकों से कहा, “हम राष्ट्रपति ट्रम्प पर भरोसा कर सकते हैं।” हालांकि ट्रम्प ने मचाडो को वेनेजुएला की राष्ट्रपति के रूप में समर्थन नहीं दिया। अमेरिकी प्रशासन अब डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता देता है।
5. इतिहास से प्रेरणा
मचाडो ने ट्रम्प को मेडल देते समय 1825 के अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के हीरो मार्क्विस डे लाफायेट का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कैसे लाफायेट ने अमेरिका और वेनेजुएला की आजादी में सहयोग के प्रतीक के रूप में पदक भेजा था।
6. ट्रम्प का बयान
ट्रम्प ने मुलाकात को सम्मानजनक बताया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि मचाडो “अद्भुत महिला और साहसी नेता” हैं।
चुनाव और वेनेजुएला की स्थिति
मचाडो 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवार थीं, लेकिन उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने दूसरे विपक्षी नेता का समर्थन किया। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कई विपक्षी समर्थक मचाडो को वेनेजुएला की नेता मानने लगे, लेकिन ट्रम्प ने उनका समर्थन नहीं किया।
बैठक में चर्चा का फोकस
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि बैठक में किसी संभावित चुनाव की समयसीमा पर चर्चा नहीं हुई। मुलाकात व्यक्तिगत और राजनीतिक दृष्टि से थी, जिसमें ट्रम्प ने मचाडो से वेनेजुएला की स्थिति और जनता के दर्द के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की।
मचाडो का विरोध और बहादुरी
मचाडो तब सुर्खियों में आईं जब उन्होंने 2012 में वेनेजुएला के राष्ट्रपति का भाषण बंद कराया और संपत्ति लौटाने की मांग की। इस घटना ने उन्हें साहसी विपक्षी नेता के रूप में स्थापित किया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और महत्व
मारिया कोरिना मचाडो के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा गया। नोबेल पुरस्कार का यह “गिफ्ट” प्रतीकात्मक था, जो अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लोकतंत्र और तानाशाही के खिलाफ साझा लड़ाई का संकेत देता है।
निष्कर्ष
मारिया कोरिना मचाडो की ट्रम्प से मुलाकात और नोबेल मेडल भेंट करना न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और प्रतीकात्मकता का उदाहरण भी है। मचाडो की साहसिक और निडर छवि आज भी वेनेजुएला और दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है।