West Bengal: दूसरा चरण खत्म 142 सीटों पर कल वोटिंग


बंगाल चुनाव के अपडेट्स…
उम्मीदवार के घर के बाहर गोलीबारी: उत्तर 24 परगना के भाटपारा में भाजपा उम्मीदवार के आवास के बाहर गोलीबारी में एक सीआईएसएफ जवान घायल हो गया। मामले में एक पार्षद सहित चार लोग गिरफ्तार हुए हैं। उधर, हावड़ा में एक पोलिंग बूथ के परिसर से आठ क्रूड बम बरामद किए गए।
तृणमूल पार्षद समेत 1,543 गिरफ्तार: दूसरे चरण के मतदान को शांतिपूर्ण बनाने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर पुलिस ने राज्य भर में 1,543 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पूर्व बर्धमान के टीएमसी पार्षद नारु गोपाल भक्त भी शामिल हैं, जिन पर भाजपा नेता के घर हमले और डराने-धमकने का आरोप है।
500 करोड़ रुपए से ज्यादा की जब्ती: बंगाल में 510 करोड़ रु. से अधिक की अवैध सामग्री जब्त हो चुकी है। 2021 के चुनाव में 339 करोड़ की जब्ती हुई थी। इस बार 30 करोड़ रु. नकद, 126.85 करोड़ की 48,000 लीटर शराब, 110.12 करोड़ के ड्रग्स और 58.28 करोड़ का सोना-चांदी शामिल है।
तृणमूल सांसद पर हमला, कांच से घायल: हुगली के गोघाट में तृणमूल सांसद मिताली बाग की गाड़ी पर पत्थरों से हमला हुआ। इसमें कांच लगने से वह घायल हो गईं। मिताली बाग ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने इसे सहानुभूति बटोरने के लिए किया गया ‘नाटक’ करार दिया है।

बंगाल जीतने के लिए भाजपा की सबसे बड़ी उम्मीद उत्तर 24 परगना
भाजपा की सबसे बड़ी उम्मीद उत्तर 24 परगना है, जहां मतुआ और शरणार्थी वोट निर्णायक हैं। सीएए का मुद्दा यहां लोगों के अस्तित्व का सवाल और भाजपा का ट्रम्प कार्ड है। इसे और पुख्ता करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी मतुआ के गढ़ ठाकुरबाड़ी पहुंचे और एसआईआर से डरे लोगों को नागरिकता का भरोसा दिया। वहीं, तृणमूल इसी ‘डर’ को भुनाकर मतुआ व अल्पसंख्यक वोट बैंक को एकजुट करने में जुटी है।
एसआईआर ने समीकरण उलझा दिया है। बनगांव दक्षिण में जहां जीत का अंतर 2,000 था, वहां 7,000 नाम कटे हैं। कल्याणी में 2,000 के मार्जिन पर 9,000 नाम हट गए। तृणमूल के एक कार्यकर्ता ने दावा किया कि यहां हिंदुओं-मतुआ के नाम ज्यादा कटे हैं, जिससे उन्हें फायदा होगा। वहीं, पीएम के कार्यक्रम की तैयारी में आए भाजपा नेता कहते हैं- मतुआ समुदाय भाजपा का था और भाजपा के साथ है।
दक्षिण का किला… यहीं से जाता है पश्चिम बंगाल की सत्ता का रास्ता
दक्षिण बंगाल, हावड़ा, कोलकाता और 24 परगना के उन इलाकों को कवर करता है, जो टीएमसी का मजबूत किला माने जाते हैं। भाजपा के लिए यहां सेंध लगाए बिना सत्ता तक पहुंचना मुश्किल है। वहीं, तृणमूल के लिए यह गढ़ बचाना चौथी बार सरकार बनाने के लिए बहुत जरूरी है।
2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल ने इन 142 सीटों में से 123 जीती थी, जबकि भाजपा 18 पर सिमट गई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा इन सीटों के 21 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाने में कामयाब रही, जबकि तृणमूल 90 में आगे थी।
बंगाल की कुर्सी का सफर उत्तर बंगाल या जंगलमहल से नहीं, बल्कि दक्षिण बंगाल के घनी आबादी वाले मैदानों से तय होता है। उत्तर व दक्षिण 24 परगना, कोलकाता और हावड़ा, ये 4 जिले मिलकर 91 सीटों का ऐसा ब्लॉक बनाते हैं, जो विधानसभा की एक-तिहाई ताकत रखते हैं। तभी इसे ‘सत्ता का प्रवेश द्वार’ कहते हैं।
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