अब नजर डालते हैं उन 5 खिलाड़ियों पर, जिन्होंने भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई :
1. संजू सैमसन – करो या मरो मैच के हीरो

कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबला करो या मरो था। 196 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सैमसन ने ओपनिंग करते हुए 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए और टीम को जीत दिलाई।
3 मैचों में 143 रन के साथ वे टूर्नामेंट में अहम बल्लेबाज बनकर उभरे।
2. जसप्रीत बुमराह – पाकिस्तान पर कहर

कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ बुमराह ने मैच पलट दिया।
176 रन का पीछा कर रही पाकिस्तान टीम को उन्होंने शुरुआती ओवरों में दो बड़े झटके दिए। सईम अयूब और कप्तान सलमान अली आगा को आउट कर मैच भारत की झोली में डाल दिया। पाकिस्तान 61 रन से हार गया।
3. ईशान किशन – बड़े मैचों के खिलाड़ी

ईशान किशन ने नामीबिया के खिलाफ 61 और पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन बनाए। पाकिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तिलक वर्मा के साथ 88 रन की साझेदारी की।
वे टूर्नामेंट में भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
4. वरुण चक्रवर्ती – विकेटों की मशीन

वरुण इस वर्ल्ड कप में भारत के टॉप विकेट टेकर हैं। 7 मैचों में 12 विकेट ले चुके हैं।
नामीबिया और नीदरलैंड के खिलाफ 3-3 विकेट लेकर उन्होंने मिडिल ओवर्स में विपक्षी टीमों की कमर तोड़ी। पाकिस्तान के खिलाफ भी 2 विकेट झटके।
5. हार्दिक पंड्या – ऑलराउंड प्रदर्शन

हार्दिक ने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया। 7 मैचों में 172 रन, जिसमें दो फिफ्टी शामिल हैं।
156.36 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने तेज शुरुआत दिलाई। गेंदबाजी में 6 विकेट भी झटके, जिनमें पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती ओवर में विकेट शामिल है।
निष्कर्ष
टीम इंडिया का सेमीफाइनल तक पहुंचना सामूहिक प्रयास का नतीजा है, लेकिन इन पांच खिलाड़ियों ने निर्णायक क्षणों में मैच पलट दिए।
अब फैंस की नजर सेमीफाइनल मुकाबले पर है, जहां भारत एक और खिताब की ओर कदम बढ़ा रहा है।