Supreme Court Order : सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ‘घूसखोर पंडत’ नाम हटाया गया
एफिडेविट में कहा गया है कि विवादित नाम का अब कहीं भी उपयोग नहीं किया जाएगा और फिल्म का नया नाम पुराने से मिलता-जुलता नहीं होगा। नया टाइटल अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन इसे फिल्म की कहानी और उद्देश्य के अनुसार रखा जाएगा।
कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया कदम
12 फरवरी को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को फिल्म का नाम बदलने का निर्देश दिया था।
याचिकाकर्ता अतुल मिश्रा ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। अदालत के निर्देश के बाद फिल्म निर्माताओं ने विवादित टाइटल हटाने का निर्णय लिया।
टीजर रिलीज के बाद शुरू हुआ विवाद

3 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स ने टीजर जारी कर फिल्म के नाम का ऐलान किया था। लेकिन टीजर रिलीज होते ही टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया।
फिल्म में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। कहानी में उन्हें एक बदनाम पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है, जो 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे और अपने कार्यों के कारण कई बार डिमोट हुए।
टीजर सामने आते ही सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया और मामला अदालत तक पहुंच गया।
ब्राह्मण समाज का विरोध
देश के विभिन्न हिस्सों में ब्राह्मण समाज के संगठनों ने फिल्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने आरोप लगाया कि ‘पंडत’ जैसे सम्मानजनक शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़ना पूरे समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। उनका कहना था कि यह केवल रचनात्मक स्वतंत्रता का मामला नहीं, बल्कि एक समुदाय की प्रतिष्ठा से जुड़ा मुद्दा है।
विरोध बढ़ने के बाद फिल्म का टीजर और संबंधित सभी प्रमोशनल कंटेंट नेटफ्लिक्स इंडिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब से हटा दिया गया।
नीरज पांडेय का बयान
नीरज पांडेय ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है। ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल केवल एक काल्पनिक किरदार के लिए किया गया था और इसका किसी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह एक फिल्ममेकर के रूप में अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हैं और ऐसी कहानियां कहना चाहते हैं जो सम्मान और संवेदनशीलता के साथ बनाई जाएं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि फिल्म का नया टाइटल क्या होगा और क्या इससे विवाद पूरी तरह थमेगा। फिलहाल अदालत में मामला विचाराधीन है और आगे की कार्रवाई कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगी।