Sensex Nifty Fall : सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी 260 अंक गिरा; बैंक, ऑटो और रियल्टी शेयरों में बिकवाली
Sensex Nifty Fall : भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 1000 अंक गिरकर 79,000 पर आ गया, जबकि निफ्टी 260 अंक टूटकर 24,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बैंक, रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई।
Sensex Nifty Fall : सेंसेक्स 1000 अंक गिरा, निफ्टी में 260 अंकों की गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार 6 मार्च को भारी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 1000 अंक गिरकर 79,000 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 260 अंकों की गिरावट के साथ 24,500 के स्तर पर पहुंच गया।
आज के कारोबार में खास तौर पर बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में बड़ी बिकवाली देखी गई। बाजार में अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
बैंक, रियल्टी और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली

शेयर बाजार में गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग, रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर देखने को मिला। इन सेक्टरों के कई प्रमुख शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाते हैं और अपने शेयर बेचने लगते हैं।
जियोपॉलिटिकल तनाव से बाजार पर दबाव
दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी पड़ रहा है। युद्ध जैसी स्थिति बनने पर महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
महंगाई बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ती है और मुनाफा घट सकता है। इसी आशंका के चलते निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करने लगते हैं।
ऐसे समय में सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ जाती है, जिससे शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिलती है।
सेंसेक्स के ज्यादातर शेयरों में गिरावट

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से अधिकतर शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कुछ शेयरों में मामूली तेजी भी देखने को मिली।
कुल मिलाकर बाजार का रुख नकारात्मक बना हुआ है और निवेशकों में सतर्कता का माहौल है।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
आज एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।
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दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 89 अंक यानी 1.59% गिरकर 5,495 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
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जापान का निक्केई इंडेक्स 212 अंक यानी 0.38% की बढ़त के साथ 55,490 पर पहुंच गया।
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हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 438 अंक यानी 1.73% की तेजी के साथ 25,760 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
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चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 10 अंक यानी 0.25% बढ़कर 4,118 पर पहुंच गया।
एशियाई बाजारों में यह मिला-जुला रुख वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को दर्शाता है।
अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद
इससे पहले 5 मार्च को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली थी।
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डाउ जोन्स इंडेक्स 785 अंक यानी 1.61% गिरकर 47,955 पर बंद हुआ।
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नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स 0.26% गिरकर 22,749 के स्तर पर बंद हुआ।
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S&P 500 इंडेक्स 39 अंक यानी 0.56% गिरकर 6,831 के स्तर पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों की गिरावट का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला।
एक दिन पहले बाजार में आई थी तेजी
दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले यानी 5 मार्च को शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स करीब 900 अंक यानी 1.14% की बढ़त के साथ 80,016 के स्तर पर बंद हुआ था।
वहीं निफ्टी भी 285 अंक यानी 1.17% की तेजी के साथ 24,766 पर बंद हुआ था। उस दिन ऑटो, मेटल, फार्मा और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली थी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा समय में वैश्विक घटनाक्रम और जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि निवेश करते समय पोर्टफोलियो को विविध बनाना जरूरी है ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक आर्थिक हालात और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भर करेगी।

