Rising Rajasthan Investment Summit का असर: कृषि, स्वास्थ्य और खनन क्षेत्रों की बड़ी परियोजनाएं ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंचीं
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 (Rising Rajasthan Investment Summit) के बाद कृषि, चिकित्सा-स्वास्थ्य और खनन क्षेत्रों में हजारों करोड़ की निवेश परियोजनाएं ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच गई हैं। ये परियोजनाएं रोजगार, बुनियादी ढांचे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी।
Rising Rajasthan Summit से निवेशकों का भरोसा और मजबूत
राजस्थान सरकार द्वारा माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024’ राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। समिट के दौरान हुए निवेश समझौतों ने न केवल निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया, बल्कि अब ये परियोजनाएं ज़मीन पर उतरती दिखाई देने लगी हैं।
समिट में 11,000 से अधिक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे और करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए थे। अब इनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाएं ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच चुकी हैं, जो यह दर्शाता है कि राजस्थान निवेश के लिए एक भरोसेमंद और तेज़ी से आगे बढ़ता राज्य बन रहा है।
कृषि क्षेत्र में 7,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं शुरू होने को तैयार
कृषि क्षेत्र में राजस्थान ने एक बड़ी छलांग लगाई है। 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएं अब ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच चुकी हैं। इन परियोजनाओं से राज्य में कृषि से जुड़े वैल्यू-एडिशन, भंडारण, प्रसंस्करण और एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इन निवेशों से किसानों को बेहतर बाज़ार, आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कृषि क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां
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कार्या केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स
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बालमार्ट माल्टिंग
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बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल
इन कंपनियों की परियोजनाएं अब क्रियान्वयन के चरण में हैं, जिससे खाद्य प्रसंस्करण और एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री को नई दिशा मिलेगी।
चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र बना सामाजिक विकास का मजबूत स्तंभ
राजस्थान में चिकित्सा, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और आयुष क्षेत्रों में भी निवेश की तेज़ रफ्तार देखने को मिल रही है। इस सेक्टर में करीब 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाएं ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच चुकी हैं।
इन परियोजनाओं से:
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अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी
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चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों में सुधार होगा
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ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी
यह निवेश राजस्थान के दीर्घकालिक सामाजिक विकास के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख संस्थाएं
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सी.के. बिड़ला हॉस्पिटल्स
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भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल
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श्री जी लेबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड
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फॉर्च्यून फाउंडेशन
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निर्वाण यूनिवर्सिटी, जयपुर
इन संस्थानों की परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेंगी।
खनन क्षेत्र में 33,000 करोड़ से अधिक का निवेश, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
राजस्थान का खनन क्षेत्र भी बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। 33,000 करोड़ रुपये से अधिक की 30 से ज्यादा परियोजनाएं ग्राउंडब्रेकिंग चरण में पहुंच चुकी हैं। इससे खनिज अन्वेषण, प्रसंस्करण और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
यह निवेश खास तौर पर उन जिलों में रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, जहां खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राजस्थान की भूमिका देश के माइनिंग सेक्टर में और सशक्त होगी।
खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां
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वेदांता लिमिटेड
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इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड
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इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड
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अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड
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एजीपी सीजीडी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
प्लानिंग से एग्जीक्यूशन तक: निवेश नीति की सफलता
कागज़ पर हुए समझौतों से लेकर ज़मीन पर प्रोजेक्ट्स के आकार लेने तक की यह यात्रा राजस्थान सरकार की पॉलिसी रिफॉर्म, प्रशासनिक सहयोग और निवेशक-हितैषी दृष्टिकोण को दर्शाती है।
सरकार द्वारा समयबद्ध अनुमतियां, सिंगल-विंडो सिस्टम और निरंतर मॉनिटरिंग ने इन परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आयाम
कुल मिलाकर, कृषि, स्वास्थ्य और खनन क्षेत्रों में शुरू हो रही ये परियोजनाएं राजस्थान में निवेश के माहौल में बड़े बदलाव का संकेत हैं। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रोजगार, बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
राइजिंग राजस्थान समिट अब सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि राजस्थान के आर्थिक परिवर्तन की कहानी बनती जा रही है।

