Pinkcity Press Club में डीके सैनी को श्रद्धांजलि, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने याद किया व्यक्तित्व
जयपुर के Pinkcity Press Club में वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट डी.के. सैनी के निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। युवा एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने उनके जिंदादिल व्यक्तित्व और समर्पित पत्रकारिता को याद किया।
Pinkcity Press Club में डीके सैनी को श्रद्धांजलि, पत्रकार जगत शोकाकुल
जयपुर के पिंकसिटी प्रेस क्लब प्रबंधन कार्यकारिणी सदस्य एवं वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट दिनेश कुमार सैनी (डी.के.) के आकस्मिक निधन से पूरे पत्रकार जगत में शोक की लहर है। उनके निधन को मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। डी.के. सैनी न केवल एक कुशल फोटो जर्नलिस्ट थे, बल्कि अपने जिंदादिल व्यक्तित्व और सरल स्वभाव के कारण सभी के प्रिय थे।
Pinkcity Press Club परिसर में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
बुधवार को पिंकसिटी प्रेस क्लब परिसर में डी.के. सैनी को श्रद्धांजलि देने के लिए भावभीनी सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकार साथियों, प्रेस क्लब पदाधिकारियों, वरिष्ठ पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन व कार्यों को याद किया।
Pinkcity Press Club अध्यक्ष और महासचिव ने जताया गहरा शोक
प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश मीणा और महासचिव मुकेश चौधरी ने कहा कि डी.के. सैनी का असमय जाना प्रेस क्लब परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि सैनी एक नेकदिल, मेहनती और सभी से अपनापन रखने वाले व्यक्तित्व थे। वे हमेशा युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन करते रहे और प्रेस क्लब की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने याद किए साथ काम करने के दिन
श्रद्धांजलि सभा में युवा एवं खेलकूद मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने डी.के. सैनी को याद करते हुए कहा कि वे बेहद ऊर्जावान, कर्मठ और समर्पित पत्रकार थे। मंत्री राठौड़ ने दिल्ली में साथ काम करने के दिनों को याद करते हुए कहा कि डी.के. सैनी अपने कैमरे के जरिए हर पल को जीवंत कर देते थे।
परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने श्रद्धांजलि सभा के दौरान डी.के. सैनी के परिवार को हरसंभव आर्थिक और सामाजिक सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सैनी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में जो योगदान दिया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
विधायक और भाजपा नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
विधायक गोपाल शर्मा और भाजपा नेता रवि नैय्यर ने भी डी.के. सैनी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सैनी का व्यक्तित्व बेहद सरल, सहज और मिलनसार था। वे हमेशा मुस्कुराते हुए अपने काम में जुटे रहते थे और सभी से आत्मीय संबंध रखते थे।
लंबे समय तक सक्रिय रहे फोटो जर्नलिस्ट
दिनेश कुमार सैनी लंबे समय तक फोटो जर्नलिस्ट के रूप में सक्रिय रहे। उन्होंने कई वर्षों तक विभिन्न मंत्रीगण और राजनेताओं के साथ काम किया। उनकी फोटोग्राफी में समाज, राजनीति और जनजीवन के हर महत्वपूर्ण क्षण को सहेजने की क्षमता थी।
राजनीति और समाज के अहम पलों के साक्षी रहे
डी.के. सैनी का कैमरा केवल तस्वीरें नहीं खींचता था, बल्कि वह समय के हर महत्वपूर्ण क्षण का साक्षी बनता था। उन्होंने कई बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों, जनसभाओं और ऐतिहासिक पलों को अपने कैमरे में कैद किया। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ भी उन्होंने फोटो जर्नलिस्ट के रूप में लंबे समय तक कार्य किया।
पत्रकारों ने साझा किए संस्मरण
श्रद्धांजलि सभा के दौरान प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और वरिष्ठ पत्रकारों ने डी.के. सैनी के साथ बिताए पलों को याद किया। सभी ने उनके जीवन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वे हमेशा सहयोगी, सकारात्मक और प्रेरणादायक रहे।
बड़ी संख्या में पत्रकार रहे मौजूद
इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष मुकेश मीणा, महासचिव मुकेश चौधरी, उपाध्यक्ष डॉ. मोनिका शर्मा, परमेश्वर प्रसाद शर्मा, कोषाध्यक्ष विकास शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मणिमाला शर्मा, ओमवीर भार्गव, अनिता शर्मा, निखलेश कुमार शर्मा, उमंग माथुर, विकास आर्य सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
वरिष्ठ पत्रकारों और पूर्व पदाधिकारियों की उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में संस्थापक सदस्य जगदीश शर्मा, पूर्व अध्यक्ष एल.एल. शर्मा, पूर्व महासचिव ललित शर्मा, पूर्व उपाध्यक्ष भागरीथ, पूर्व कोषाध्यक्ष गिरिराज प्रसाद गुर्जर सहित गुलाब बत्रा, शंकर शिखर, प्रदीप सिंह, डॉ. मिथलेश जैमिनी, योगेन्द्र शर्मा, निखिल शर्मा, अरविन्द शर्मा, दिनेश डाबी और बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
दो मिनट का मौन, आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत डी.के. सैनी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पूरे प्रेस क्लब परिसर में शोक और संवेदना का माहौल बना रहा।


