Cleanliness Drive : होली से पहले भैरू की ढाणी में महिलाओं की प्रेरणादायक पहल
होलिका दहन स्थल पर चलाया विशेष सफाई अभियान
त्योहारों के दौरान अक्सर सार्वजनिक स्थलों पर कचरा और गंदगी जमा हो जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए गांव की महिलाओं ने होलिका दहन स्थल और उसके आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्वयं उठाई।
महिलाओं ने झाड़ू लगाकर, कचरा एकत्रित कर और आसपास फैली गंदगी को हटाकर पूरे क्षेत्र को स्वच्छ बनाया। उनका कहना था कि यदि पहले से ही व्यवस्था कर ली जाए तो त्योहार के बाद सफाई की समस्या नहीं आती।
बंजारा समाज की महिलाओं ने दिखाई एकजुटता

इस अभियान में बंजारा समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रमुख रूप से लक्ष्मी बंजारा, तारा देवी, नीतू बंजारा, प्रेम देवी और पिंकी देवी सहित कई महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
महिलाओं ने ग्रामीणों से अपील की कि होली के बाद भी सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाएं और गांव को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
स्वच्छता को आदत बनाने का संकल्प
अभियान के दौरान उपस्थित महिलाओं ने कहा कि स्वच्छता एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। यदि गांव के सभी लोग मिलकर सहयोग करें तो न केवल गांव साफ-सुथरा रहेगा, बल्कि बीमारियों से भी बचाव संभव होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी साफ-सफाई को अपनी आदत बना सके।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
महिलाओं की इस पहल को ग्रामीणों ने भी खूब सराहा। कई ग्रामीणों ने भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और सामुदायिक कार्यों में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
गांव में होली के रंगों के साथ इस बार स्वच्छता और एकता का रंग भी देखने को मिला। भैरू की ढाणी की यह पहल अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन सकती है।
सामाजिक बदलाव की दिशा में मजबूत कदम
भैरू की ढाणी की महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज की महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व करें, तो सकारात्मक बदलाव संभव है। होली जैसे बड़े त्योहार से पहले स्वच्छता अभियान चलाना न केवल जागरूकता का प्रतीक है, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण है।
यह अभियान स्वच्छ और स्वस्थ गांव की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।