Moradabad में E-Waste गलाने वाली अवैध भट्ठियों पर प्रशासन का शिकंजा, आठ फैक्ट्रियां सील
Moradabad के मुगलपुरा क्षेत्र में मेटल फैक्ट्रियों में अवैध रूप से ई-कचरा गलाने वाली आठ भट्ठियों को प्रशासन ने सील किया। प्रदूषण और स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव को देखते हुए यह कार्रवाई की गई। आगे भी ऐसी अवैध भट्ठियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
Moradabad में अवैध भट्ठियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
मुरादाबाद में पर्यावरण प्रदूषण और जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को मुगलपुरा थाना क्षेत्र के बरबालान इलाके में मेटल फैक्ट्रियों के अंदर अवैध रूप से संचालित ई-कचरा गलाने वाली भट्ठियों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ भट्ठियों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
E-Waste गलाकर बनाए जा रहे थे कीमती बर्तन और वस्तुएं
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि इन मेटल फैक्ट्रियों में भट्ठियों के जरिए अवैध रूप से ई-कचरा गलाया जा रहा था। इस ई-कचरे से कीमती धातु, बर्तन और अन्य वस्तुएं तैयार की जा रही थीं। यह पूरा काम बिना किसी अनुमति और नियमों की अनदेखी करते हुए किया जा रहा था, जिससे न केवल कानून का उल्लंघन हो रहा था बल्कि क्षेत्र में गंभीर प्रदूषण भी फैल रहा था।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा था गंभीर असर
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन भट्ठियों को शाम होते ही जलाया जाता था। भट्ठियों से निकलने वाला जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल जाता था, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। आंखों में जलन, सांस की बीमारियां और बच्चों व बुजुर्गों पर इसके दुष्प्रभाव लगातार बढ़ रहे थे। लंबे समय से क्षेत्रवासी इस समस्या को लेकर शिकायत कर रहे थे।
सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडे के नेतृत्व में की गई। प्रशासनिक टीम में असिस्टेंट कमिश्नर राज्य कर विभाग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अवर अभियंता भी शामिल रहे। टीम ने बरबालान क्षेत्र में मेटल फैक्ट्रियों का औचक निरीक्षण किया, जहां अवैध रूप से संचालित भट्ठियां पकड़ी गईं।
लाइसेंस न होने पर सील की गई भट्ठियां
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने भट्टी संचालकों से आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। लेकिन कोई भी संचालक वैध लाइसेंस या प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी अनुमति नहीं दिखा सका। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से आठ भट्ठियों को सील कर दिया।
Moradabad में बड़े पैमाने पर चल रहा है ई-कचरे का अवैध धंधा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुरादाबाद में बड़े पैमाने पर मेटल फैक्ट्रियों के अंदर ई-कचरा गलाने का अवैध काम चल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कचरे को खुले तौर पर भट्ठियों में गलाकर उससे धातु निकाली जा रही है, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद खतरनाक है। इस प्रक्रिया से निकलने वाला धुआं और जहरीले तत्व हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित कर रहे हैं।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी हुआ सख्त
इस कार्रवाई में प्रदूषण नियंत्रण विभाग की भूमिका भी अहम रही। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ई-कचरे को गलाने के लिए विशेष तकनीक और अनुमति की आवश्यकता होती है। बिना मानकों के खुले भट्ठियों में ई-कचरा गलाना पूरी तरह गैरकानूनी है। इससे निकलने वाले केमिकल्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडे ने स्पष्ट कहा कि ऐसी अवैध भट्ठियों को चिन्हित करने का अभियान लगातार चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी फैक्ट्री या इकाई प्रदूषण फैलाने में लिप्त पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित जीवन देना है।
स्थानीय लोगों ने की प्रशासनिक कार्रवाई की सराहना
क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से वे जहरीले धुएं और प्रदूषण से परेशान थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। लोगों ने मांग की है कि अवैध रूप से संचालित ऐसी सभी भट्ठियों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम
प्रशासन की यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के लिहाज से एक अहम कदम मानी जा रही है। यदि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगाई जाती, तो आने वाले समय में इसका असर पूरे शहर की आबोहवा और लोगों की सेहत पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन कर ई-कचरा गलाने या प्रदूषण फैलाने वाली किसी भी इकाई को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में Moradabad के अन्य इलाकों में भी इस तरह की फैक्ट्रियों और भट्ठियों की जांच की जाएगी।



