Gaza Peace Board : मोदी को गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने का न्योता, ट्रम्प की पहल से इजराइल नाराज़
Gaza Peace Board : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पीएम नरेंद्र मोदी को शामिल होने का न्योता दिया है। रूस और पाकिस्तान को भी आमंत्रण मिला है। इस फैसले पर इजराइल ने नाराजगी जताई है।
Gaza Peace Board : मोदी को गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने का न्योता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा संकट के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी।
इस बोर्ड में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया है। ट्रम्प की इस पहल को गाजा पीस प्लान के दूसरे चरण की शुरुआत माना जा रहा है।
क्या है गाजा का ‘बोर्ड ऑफ पीस’
गाजा में प्रशासन, पुनर्निर्माण और स्थायी शांति के लिए ट्रम्प प्रशासन ने नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) के गठन का ऐलान किया है।
इस कमेटी की निगरानी, फंडिंग और रणनीतिक फैसलों के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बनाया गया है, जिसकी अध्यक्षता खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कर रहे हैं। इसके साथ ही एक गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड भी गठित किया गया है।
Gaza Peace Board : इजराइल की नाराजगी, बिना बातचीत बोर्ड बनाने का आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर इजराइल ने कड़ा ऐतराज जताया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि अमेरिका ने गाजा के लिए नया प्रशासनिक बोर्ड इजराइल से बिना किसी बातचीत के घोषित किया है।
इजराइल का कहना है कि यह फैसला उसकी मौजूदा सरकारी नीति के खिलाफ है और गाजा से जुड़े किसी भी प्रशासनिक ढांचे में उसकी सहमति जरूरी है।
Gaza Peace Board : पाकिस्तान को भी मिला न्योता, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पाकिस्तान गाजा में शांति और सुरक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत फिलिस्तीन मुद्दे का स्थायी समाधान चाहता है, हालांकि बोर्ड की भूमिका पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई।
तुर्किए की एंट्री बनी इजराइल की नाराजगी की बड़ी वजह

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान को गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड में शामिल किया जाना है।
तुर्किए को हमास के प्रति नरम रुख रखने वाला देश माना जाता है और राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगन पहले भी इजराइल की गाजा कार्रवाई की तीखी आलोचना कर चुके हैं। इजराइल का मानना है कि ऐसे देशों को गाजा प्रशासन में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
इजराइली नेताओं के तीखे बयान
इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने कहा कि गाजा को किसी ‘कार्यकारी बोर्ड’ की नहीं, बल्कि हमास को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। उन्होंने बड़े पैमाने पर पलायन को ही समाधान बताया, जिससे विवाद और गहरा गया है।

बोर्ड ऑफ पीस के सदस्यों की जिम्मेदारियां
व्हाइट हाउस के मुताबिक, बोर्ड ऑफ पीस और गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड का हर सदस्य एक तय पोर्टफोलियो संभालेगा। इसमें—
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शासन क्षमता बढ़ाना
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क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंध
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पुनर्निर्माण
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फंडिंग और पूंजी जुटाना
शामिल है। आने वाले हफ्तों में और सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी।
NCAG की कमान डॉ. अली शाथ के हाथ
NCAG का नेतृत्व डॉ. अली शाथ करेंगे, जो एक अनुभवी टेक्नोक्रेट माने जाते हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वे गाजा में पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाओं को बहाल करने, नागरिक संस्थाओं को मजबूत करने और सामान्य जनजीवन को स्थिर करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
एक अरब डॉलर फीस की रिपोर्ट पर विवाद
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि बोर्ड ऑफ पीस की परमानेंट सदस्यता के लिए पहले साल $1 बिलियन की फीस देनी होगी। हालांकि व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को गुमराह करने वाला बताते हुए कहा कि कोई अनिवार्य सदस्यता शुल्क नहीं है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, स्थायी सदस्यता उन देशों को दी जाएगी जो शांति और स्थिरता के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता दिखाते हैं।
भारतवंशी अजय बंगा भी बोर्ड का हिस्सा
व्हाइट हाउस द्वारा जारी सूची में भारतवंशी अजय बंगा, जो वर्तमान में वर्ल्ड बैंक ग्रुप के अध्यक्ष हैं, को भी बोर्ड ऑफ पीस का सदस्य बनाया गया है।
पुणे में जन्मे अजय बंगा इससे पहले मास्टरकार्ड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रह चुके हैं और वैश्विक वित्तीय नीतियों में उनका खास अनुभव माना जाता है।
गाजा में सुरक्षा के लिए अमेरिकी जनरल की तैनाती
गाजा में आतंकवाद खत्म करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अमेरिकी सेना के मेजर जनरल जैस्पर जेफर्स को इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (ISF) का कमांडर नियुक्त किया गया है।
वे डी-मिलिट्राइजेशन, मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण कार्यों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।
20 प्वाइंट रोडमैप पर आधारित है ट्रम्प की योजना
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, गाजा पीस प्लान एक 20-प्वाइंट रोडमैप पर आधारित है। यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो युद्ध तुरंत रोका जाएगा, इजराइली सेना तय सीमा तक पीछे हटेगी और बंधकों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू होगी।
सभी सैन्य गतिविधियों को रोककर गाजा में स्थायी शांति और पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का लक्ष्य रखा गया है।

