Melody Of Colors Exhibition: कलाकृति शोर नहीं, शांति से मन में उतरती है, जयपुर में डॉ. सुषमा महाजन की ‘मेलोडी ऑफ कलर्स’ प्रदर्शनी
जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित ‘Melody Of Colours’ जलरंग प्रदर्शनी में प्रसिद्ध कलाकार डॉ. सुषमा महाजन की सधी हुई रंग शैली ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया।
Melody Of Colors : कलाकृति जो शोर नहीं, शांति से संवाद करती है
कभी-कभी रंग शब्दों से कहीं ज़्यादा प्रभावी हो जाते हैं। वे बिना कुछ कहे मन तक पहुंच जाते हैं और दर्शक के भीतर भावनाओं की एक नई दुनिया रच देते हैं। जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय जलरंग प्रदर्शनी ‘मेलोडी ऑफ कलर्स’ कुछ ऐसा ही अनुभव लेकर आई, जहां मशहूर जलरंग कलाकार डॉ. सुषमा महाजन की कृतियों ने कला प्रेमियों को भीतर तक छू लिया।
Melody Of Colors :जवाहर कला केंद्र में तीन दिन तक सजी रंगों की दुनिया

यह प्रदर्शनी जयपुर के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र जवाहर कला केंद्र में आयोजित की गई, जहां तीनों दिन बड़ी संख्या में कला प्रेमी, विद्यार्थी, उभरते कलाकार, कला शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। प्रदर्शनी के अंतिम दिन भी दर्शकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली, जिससे साफ जाहिर हुआ कि डॉ. सुषमा महाजन की कला लोगों को किस हद तक आकर्षित कर रही है।
हल्के रंग, गहरी अनुभूति
डॉ. सुषमा महाजन की पेंटिंग्स की सबसे बड़ी खासियत उनका हल्का, संतुलित और सधा हुआ रंग संयोजन है। उनकी कृतियों में रंग कभी आक्रामक नहीं लगते, बल्कि बेहद सौम्य तरीके से कैनवास पर उतरते हैं। जलरंग की पारदर्शी परतों में बनी आकृतियां दर्शकों को कुछ पल ठहरकर देखने के लिए मजबूर कर देती हैं।
उनकी पेंटिंग्स में रोशनी और छाया का ऐसा संतुलन देखने को मिलता है, जो चित्रों को जीवंत बना देता है। प्रकृति, इंसानी भावनाएं और जीवन के छोटे-छोटे पल उनकी कला में बड़ी सहजता से उभरते हैं।
जलरंग: एक नाजुक लेकिन प्रभावशाली माध्यम

प्रदर्शनी के दूसरे दिन आयोजित टॉक शो ने इस आयोजन को और खास बना दिया। इस सत्र में प्रियदर्शनी मिश्रा के साथ संवाद करते हुए डॉ. सुषमा महाजन ने अपने कला सफर और जलरंग माध्यम की चुनौतियों पर खुलकर बात की।
उन्होंने बताया कि जलरंग एक बेहद नाजुक माध्यम है, जिसमें कलाकार को अत्यंत सावधानी और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि जलरंग में की गई छोटी-सी गलती भी पूरे चित्र को बिगाड़ सकती है, लेकिन यही इसकी खूबसूरती और चुनौती दोनों है।
Melody Of Colours : देश-विदेश में पहचान बना चुकी हैं डॉ. सुषमा महाजन
डॉ. सुषमा महाजन का कला सफर केवल भारत तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है, जहां उनके काम को काफी सराहना मिली। उनका मानना है कि जब भारतीय कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करते हैं, तो इससे भारतीय कला को वैश्विक पहचान मिलती है।
उनकी पेंटिंग्स में भारतीय जीवन, प्रकृति और भावनाओं की सादगी झलकती है, जो विदेशी दर्शकों को भी गहराई से प्रभावित करती है।
दर्शकों के लिए यादों से जुड़ने का माध्यम बनी प्रदर्शनी
प्रदर्शनी देखने पहुंचे कई दर्शकों ने बताया कि डॉ. महाजन की पेंटिंग्स देखते हुए उन्हें अपनी पुरानी यादें ताजा हो गईं। किसी को बचपन की स्मृतियां याद आईं, तो किसी को प्रकृति के साथ बिताए शांत पल। यही कारण रहा कि यह प्रदर्शनी केवल देखने तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव बन गई।
उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया उद्घाटन

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया। उन्होंने डॉ. सुषमा महाजन की कला की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल कलाकारों को मंच देते हैं, बल्कि समाज को भी कला से जोड़ते हैं।
वहीं, राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कलाकार के कार्य की प्रशंसा की।
जयपुर के कला प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव
दर्शकों का कहना रहा कि ‘मेलोडी ऑफ कलर्स’ केवल एक कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि रंगों के माध्यम से भावनाओं को महसूस करने का अवसर बनी। यह आयोजन जयपुर की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता है और आने वाले समय में ऐसे और कला आयोजनों की उम्मीद भी जगाता है।

