Jodhpur | Event Industry पर डीजीजीआई की बड़ी छापेमारी, टेंट कैटरिंग कारोबार में GST चोरी की जांच
जोधपुर Event Industry में डीजीजीआई जयपुर की टीमों ने इवेंट, टेंट, डेकोरेशन, साउंड और कैटरिंग फर्मों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। शादी सीजन की बुकिंग और जीएसटी रिटर्न में अंतर मिलने पर करोड़ों की टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है।
जोधपुर में Event Industry पर डीजीजीआई की बड़ी कार्रवाई
जोधपुर में मंगलवार सुबह इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों के बीच उस समय हड़कंप मच गया, जब जीएसटी इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट (डीजीजीआई) की जयपुर से आई टीमों ने शहर में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई टेंट, डेकोरेशन, साउंड सिस्टम और कैटरिंग सेवाएं देने वाले बड़े कारोबारियों के खिलाफ की गई है। विभाग को इनपुट मिले थे कि शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों से जुड़े इन कारोबारियों द्वारा बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की जा रही है।
जयपुर से आई डीजीजीआई टीमों ने Event Industry के 8 ठिकानों पर मारा छापा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीजीजीआई जयपुर के एडिशनल डायरेक्टर के नेतृत्व में गठित टीमों ने जोधपुर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित करीब 8 प्रमुख ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। छापेमारी की यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई, ताकि किसी भी तरह का रिकॉर्ड नष्ट न किया जा सके। सुबह-सुबह टीमों के पहुंचते ही संबंधित फर्मों के दफ्तरों, गोदामों और परिसरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ये बड़े नाम डीजीजीआई के रडार पर
डीजीजीआई की रडार पर जोधपुर के वे बड़े कारोबारी हैं, जो वर्षों से शादी-समारोहों और बड़े आयोजनों में टेंट, डेकोरेशन, साउंड और कैटरिंग की सेवाएं दे रहे हैं। जिन फर्मों और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई है, उनमें प्रमुख रूप से सिंघवी टेंट, बॉबी टेंट, श्री लवली टेंट, श्री अक्षिता टेंट, सुनीता टेंट, अक्षत दीप टेंट, अमृतम मैरिज गार्डन, राजन एम्प्लिफायर (साउंड), अमर कैटर्स (कैटरिंग) और मींटू कोलकाता फ्लॉवर्स के नाम सामने आए हैं।
सिंघवी टेंट सहित कई ठिकानों पर गहन जांच
सूत्रों के अनुसार, डीजीजीआई की टीमों ने विशेष रूप से सिंघवी टेंट से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर गहन छानबीन शुरू की। सरदारपुरा क्षेत्र में स्थित ऑफिस, गोदाम, मकान और फार्म हाउस तक टीमों ने पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने कागजी रिकॉर्ड के साथ-साथ डिजिटल डेटा को भी खंगाला। कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन से अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
शादी के सीजन के आंकड़ों का जीएसटी रिटर्न से मिलान
विभागीय सूत्रों का कहना है कि डीजीजीआई को संदेह है कि पिछले शादी के सीजन के दौरान जोधपुर में हुई हजारों शादियों की बुकिंग के मुकाबले इन फर्मों द्वारा जमा किए गए जीएसटी रिटर्न में बड़ा अंतर है। इसी अंतर ने जांच एजेंसी का ध्यान इवेंट इंडस्ट्री की ओर खींचा। माना जा रहा है कि मैरिज गार्डन, होटल और रिसॉर्ट्स की बुकिंग सूची के साथ इन फर्मों के टर्नओवर का मिलान किया गया, जिसमें गंभीर विसंगतियां सामने आईं।
मौके से कच्चे बिल और डायरियां बरामद
छापेमारी के दौरान डीजीजीआई की टीमों ने कई ठिकानों से कच्चे बिल, डायरियां और अधूरे लेखा-जोखा बरामद किया है। इन दस्तावेजों में नकद लेन-देन और बिना जीएसटी के किए गए सौदों का विवरण होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कितनी सेवाएं बिना टैक्स के दी गईं और कितना टर्नओवर जानबूझकर छिपाया गया।
क्यों रडार पर आया जोधपुर का इवेंट बाजार?
जीएसटी इंटेलिजेंस की यह कार्रवाई केवल एक नियमित जांच नहीं मानी जा रही है। इसके पीछे इवेंट इंडस्ट्री में लंबे समय से चल रहे कथित ‘खेल’ को उजागर करने की मंशा बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इवेंट और टेंट व्यवसाय में नकद लेन-देन की प्रवृत्ति बेहद अधिक है, जिसका फायदा उठाकर कई कारोबारी टैक्स चोरी करते हैं।
‘कच्ची पर्ची’ से होता है बड़ा खेल
इवेंट मैनेजमेंट और टेंट कारोबार में आज भी 70 से 80 प्रतिशत लेन-देन नकद में होने की बात कही जाती है। ग्राहकों को बिना जीएसटी वाला कच्चा बिल देकर टैक्स बचाने का लालच दिया जाता है। इससे कारोबारी और ग्राहक दोनों को तत्काल फायदा दिखता है, लेकिन सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। डीजीजीआई को शक है कि करोड़ों रुपये का टर्नओवर जानबूझकर बही-खातों में दर्ज ही नहीं किया गया।
इनपुट टैक्स क्रेडिट में भी गड़बड़ी की आशंका
जांच एजेंसी को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में भी गड़बड़ी की आशंका है। अक्सर टेंट और इवेंट कारोबारी सामान खरीदने पर चुकाए गए जीएसटी का आईटीसी तो क्लेम कर लेते हैं, लेकिन जब सेवाएं देने की बारी आती है, तो नकद भुगतान लेकर 18 प्रतिशत जीएसटी सरकार को जमा नहीं करते। यह तरीका टैक्स चोरी का एक बड़ा माध्यम माना जा रहा है।
जयपुर कनेक्शन से जुड़ रही जांच की कड़ियां
सूत्र बताते हैं कि हाल ही में जयपुर के बड़े Event Industry कारोबारियों पर भी डीजीजीआई ने इसी तरह की कार्रवाई की थी। वहां से मिले दस्तावेजों और डायरियों में जोधपुर के कुछ कारोबारियों के साथ सब-कॉन्ट्रैक्टिंग और लेन-देन के संकेत मिले थे। इसी ‘जयपुर कनेक्शन’ के आधार पर जोधपुर की इवेंट इंडस्ट्री डीजीजीआई के रडार पर आई।
करोड़ों की जीएसटी चोरी उजागर होने की संभावना
डीजीजीआई अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ही करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा हो सकता है। फिलहाल टीमों द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। शाम तक या अगले कुछ दिनों में इस कार्रवाई से जुड़े बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
इवेंट कारोबारियों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद जोधपुर के इवेंट, टेंट और कैटरिंग कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। कई छोटे और मध्यम कारोबारी भी सतर्क हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजीजीआई की यह कार्रवाई आने वाले समय में इवेंट इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संदेश है कि टैक्स चोरी पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

