जयपुर | Army Day परेड में ऑपरेशन सिंदूर के हथियार, महिला ऑफिसर्स और मिसाइल शक्ति का प्रदर्शन
जयपुर में पहली बार आर्मी एरिया से बाहर हुई आर्मी डे परेड में ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हथियार दिखाए गए। नाग मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम, ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल और महिला ऑफिसर्स की ऐतिहासिक भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया
जयपुर में पहली बार ऐतिहासिक आर्मी डे परेड
राजस्थान की राजधानी जयपुर गुरुवार, 15 जनवरी को भारतीय सेना की शक्ति, शौर्य और आधुनिक तकनीक का साक्षी बनी। पहली बार आर्मी डे परेड किसी सैन्य क्षेत्र के बाहर आयोजित की गई। यह भव्य आयोजन जगतपुरा के महल रोड पर हुआ, जहां हजारों लोगों ने भारतीय सेना के आधुनिक हथियारों, मिसाइल प्रणालियों और जांबाज जवानों का प्रदर्शन देखा।
इस परेड की सबसे खास बात यह रही कि इसमें ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियारों को भी प्रदर्शित किया गया, जिनकी भूमिका हालिया सैन्य अभियानों में बेहद अहम रही है।
महिला ऑफिसर्स के हाथों में सबसे खतरनाक हथियार
आर्मी डे परेड में महिला शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय सेना की महिला ऑफिसर्स न सिर्फ परेड का हिस्सा बनीं, बल्कि वे देश के सबसे खतरनाक और आधुनिक हथियारों के साथ कदमताल करती नजर आईं। यह दृश्य भारतीय सेना में बदलते नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश देता है।
परेड में शामिल प्रमुख महिला अधिकारी इस प्रकार रहीं:
कैप्टन हंसजा शर्मा – नाग मिसाइल (हेलिना)
कैप्टन हंसजा शर्मा 251 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन से हैं और वे भारतीय थल सेना के रूद्र हेलीकॉप्टर की पहली महिला पायलट हैं। उन्होंने परेड में नाग मिसाइल (हेलिना) को प्रदर्शित किया।
यह मिसाइल रूद्र और प्रचंड हेलीकॉप्टर से लॉन्च की जाती है और टैंक-रोधी क्षमता के लिए जानी जाती है। ऑपरेशन सिंदूर में भी इस मिसाइल की भूमिका बेहद अहम रही।
महक भाटी – यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम
40 फील्ड रेजिमेंट की जांबाज अधिकारी महक भाटी ने यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को प्रदर्शित किया। यह एक मल्टी-कैलिबर रॉकेट प्लेटफॉर्म है, जो 300 किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम है।
कैप्टन क्रिया यादव – ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम
401 लाइट एएडी रेजिमेंट की कैप्टन क्रिया यादव ने इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम का प्रदर्शन किया। यह प्रणाली दुश्मन के ड्रोन हमलों को पहचानने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है, जो आधुनिक युद्ध में बेहद जरूरी हथियार बन चुका है।
लेफ्टिनेंट रश्मि चौधरी – 300 मिमी रॉकेट लॉन्चर
1812 रॉकेट रेजिमेंट की लेफ्टिनेंट रश्मि चौधरी ने लॉन्चर 12 रॉकेट सिस्टम प्रदर्शित किया। ये 300 मिमी कैलिबर के रॉकेट हैं, जिनका इस्तेमाल हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था।
लेफ्टिनेंट पवित्र दनद – एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम
लेफ्टिनेंट पवित्र दनद ने 503 एयर डिफेंस मिसाइल रेजिमेंट (एमआर) की क्षमताओं को परेड में प्रदर्शित किया। यह सिस्टम दुश्मन के हवाई हमलों से सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है।
आसमान में दिखी भारतीय वायु शक्ति
आर्मी डे परेड की शुरुआत नाल एयरबेस से उड़ान भरने वाले एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) के शानदार फ्लाईपास्ट से हुई। इसके बाद आसमान में जगुआर फाइटर जेट्स ने सटीक फॉर्मेशन बनाकर लोगों का ध्यान खींचा। हेलीकॉप्टरों और लड़ाकू विमानों की गर्जना ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया।

आधुनिक हथियारों और मिसाइलों की झलक
परेड के दौरान भारतीय सेना के कई अत्याधुनिक हथियार और सैन्य प्रणालियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें शामिल हैं:
ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम
दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल मानी जाने वाली ब्रह्मोस ने परेड में सबका ध्यान खींचा। इसकी मारक क्षमता और रफ्तार इसे भारतीय सेना का सबसे घातक हथियार बनाती है।
पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर
पिनाका लॉन्चर लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम है और युद्ध के दौरान दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में अहम भूमिका निभाता है।
आकाश मिसाइल सिस्टम
आकाश मिसाइल दुश्मन के हवाई हमलों को पल भर में नष्ट करने में सक्षम एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे ऑपरेशन सिंदूर में भी इस्तेमाल किया गया।
भीष्म टैंक और आधुनिक तोपें
परेड में 155 मिमी 52 कैलिबर की ट्रैक्ड होवित्जर तोप और दुश्मन के टैंकों व ड्रोन को नष्ट करने वाला भीष्म (T-90) टैंक भी शामिल रहा।
निष्कर्ष
जयपुर में आयोजित यह आर्मी डे परेड न सिर्फ ऐतिहासिक रही, बल्कि इसने भारतीय सेना की आधुनिक ताकत, तकनीकी क्षमता और महिला नेतृत्व को पूरे देश के सामने मजबूती से रखा। ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हथियारों का प्रदर्शन यह संदेश देता है कि भारतीय सेना हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और सक्षम है।

