अमेरिका की धमकी के बाद ईरान पीछे हटा: प्रदर्शनकारियों की फांसी और हत्याएं टलीं
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनियों के बाद ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला पीछे खींच लिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने बुधवार को स्पष्ट किया कि ईरान की ओर से लोगों को फांसी देने की कोई योजना नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्री का बयान
ईरानी विदेश मंत्री ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम ‘स्पेशल रिपोर्ट विद ब्रेट बेयर’ में कहा:
“फांसी देने की कोई योजना नहीं है। फांसी का सवाल ही नहीं उठता।”
इससे पहले ईरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर तेज ट्रायल और तुरंत फांसी देने का ऐलान किया था।
ट्रम्प का दावा: हत्याएं रुकीं
राष्ट्रपति ट्रम्प ने बुधवार को पुष्टि की कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रुकी हैं। ट्रम्प ने कहा:
“अगर वे फांसी देते, तो आप कुछ भयानक देख सकते थे।”
उनके इस बयान के बाद ईरान ने फांसी पर रोक लगाई।
इरफान सुलतानी को दी जाने वाली फांसी टली
ईरान में 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुलतानी को 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और 11 जनवरी को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। सुलतानी पर मोहरेबेह (भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना) का आरोप था।
हालांकि अब उनकी फांसी स्थगित कर दी गई है। मानवाधिकार संगठन इसे फास्ट-ट्रैक ट्रायल का हिस्सा बता रहे हैं, ताकि बाकी प्रदर्शनकारियों को डराया जा सके।
ईरान की ट्रम्प पर धमकी
ईरान ने सरकारी टीवी चैनल पर राष्ट्रपति ट्रम्प को जान से मारने की धमकी जारी की थी। इस धमकी में पेंसिल्वेनिया के बटलर में 2024 में ट्रम्प पर हुए जानलेवा हमले की फुटेज दिखाई गई थी। संदेश था:
“इस बार गोली निशाने से नहीं चूकेगी।”
यह ईरान की अब तक की सबसे सीधी धमकी मानी जा रही है।
ट्रम्प की प्रतिक्रिया और रजा पहलवी का जिक्र
ट्रम्प ने ईरानी विपक्षी नेता रजा पहलवी की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें पहलवी अच्छे लगते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि ईरान में उन्हें समर्थन मिलेगा या नहीं।
“मुझे नहीं पता कि वे अपने देश में कैसे व्यवहार करेंगे। अगर वे स्वीकार करते हैं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी।”
ईरान ने नो-फ्लाई जोन लागू किया
ईरान ने बुधवार को 2 घंटे के लिए अपने अधिकांश हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया। फ्लाइटराडार24 के अनुसार, तेहरान ने नोटिस टु एयर मिशन्स (NOTAM) जारी किया।
इस दौरान इंडिगो, लुफ्थांसा और एयरोफ्लोट जैसी एयरलाइंस प्रभावित हुईं। भारत की एयरलाइंस भी उड़ानों के मार्ग बदल रही हैं।
भारत और अन्य देशों की चेतावनी
भारत सरकार ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी। ईरान में लगभग 10,000 भारतीय मौजूद हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिक भीड़-भाड़ और विरोध प्रदर्शन वाली जगहों से दूर रहें। इसके अलावा, स्पेन, इटली और पोलैंड ने भी अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी।
ईरान में हिंसा और हत्याओं का आंकड़ा
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नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) के अनुसार, कम से कम 3,428 प्रदर्शनकारी मारे गए, 10,000 से अधिक गिरफ्तार।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देशभर में कम से कम 12,000 लोगों की मौत हुई।
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प्रदर्शनकारियों के साथ सुरक्षा बलों के शव भी दफनाए गए।
ईरान दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां सबसे ज्यादा फांसी दी जाती है।
निष्कर्ष
अमेरिका की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला टाल दिया। भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षा कारणों से ईरान छोड़ने की सलाह दी।
यह स्थिति क्षेत्रीय तनाव और हवाई यात्रा को भी प्रभावित कर रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब ईरान में जारी घटनाओं पर बनी हुई हैं।