मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के रावजी बाजार क्षेत्र में गुरुवार रात जहरीली गैस फैलने से हड़कंप मच गया। करीब एक घंटे तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीम खतरनाक सिलेंडर को सूझबूझ के साथ पानी से भरे ड्रम में डालती नजर आ रही है, ताकि गैस के फैलाव को रोका जा सके।
पानी डालकर नियंत्रित किया गैस का फैलाव

जानकारी के अनुसार, सिलेंडर से गैस तेजी से फैल रही थी। स्थिति को संभालने के लिए टीम ने सिलेंडर को पानी से भरे ड्रम में डाल दिया और लगातार उस पर पानी डाला गया। इससे गैस का प्रभाव धीरे-धीरे कम हुआ।
बाद में रात में ही सिलेंडर को बायपास मार्ग से करीब 13 किलोमीटर दूर देवगुराड़िया स्थित नगर निगम प्लांट भेज दिया गया, जहां उसकी प्रारंभिक जांच की गई।
अमोनिया गैस होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में सिलेंडर में अमोनिया गैस होने की आशंका जताई गई है। इसी कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई।
डीसीपी ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच इंडस्ट्रियल सेफ्टी विभाग को सौंपी गई है। विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कबाड़ी शहजाद गिरफ्तार, गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

जांच में सामने आया कि कटे हुए सिलेंडर से गैस का रिसाव हुआ था। सिलेंडर को कटर से काटा गया था और वह कबाड़ी शहजाद खान की दुकान में रखा था।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 118(1) और 118(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में खतरनाक साधनों से चोट या गंभीर नुकसान पहुंचाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसमें 10 साल तक का कारावास शामिल है।
नगर निगम की टीम ने शुक्रवार दोपहर मौके पर पहुंचकर दुकान को सील कर दिया।
अन्य कबाड़ियों से भी होगी पूछताछ
पूछताछ में शहजाद ने बताया कि सिलेंडर उसने कबाड़ में राजा चोपड़ा से खरीदा था। विकास नाम के एक अन्य कबाड़ी का नाम भी सामने आया है। पुलिस इन दोनों से भी पूछताछ करेगी।
अधिकारियों का कहना है कि सिलेंडर की खरीद-फरोख्त और कटिंग की पूरी श्रृंखला की जांच की जाएगी।
20 साल से चल रही थी गतिविधि
स्थानीय लोगों के अनुसार, शहजाद की कबाड़ की दुकान पिछले करीब 20 वर्षों से संचालित हो रही थी। यहां लोहे के कबाड़ के साथ-साथ सिलेंडर कटिंग का काम भी किया जाता था।
शहजाद के बेटे शाहरुख खान ने बताया कि संबंधित सिलेंडर करीब 10 दिनों से दुकान पर रखा था। घटना के समय वह नमाज पढ़ने गए थे और उन्हें इसकी जानकारी करीब डेढ़ घंटे बाद मिली। उन्होंने दावा किया कि उनका व्यवसाय पंजीकृत है और वे नियमित रूप से जीएसटी का भुगतान करते हैं।
निष्कर्ष
रावजी बाजार की यह घटना लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों को दर्शाती है। खतरनाक सामग्री की हैंडलिंग में जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल पुलिस और इंडस्ट्रियल सेफ्टी विभाग मामले की गहन जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है।