World Updates : ग्रीनलैंड क्यों बना दुनिया का नया हॉटस्पॉट, बर्फ पिघलने से बढ़ी वैश्विक शक्तियों की प्रतिस्पर्धा
World Updates : ग्रीनलैंड आर्कटिक की बर्फ पिघलने, नए समुद्री रास्तों और दुर्लभ खनिजों की वजह से दुनिया का नया रणनीतिक हॉटस्पॉट बन गया है। अमेरिका, रूस और चीन की नजर यहां मौजूद संसाधनों और सैन्य अहमियत पर है, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ता दिख रहा है।
World Updates : ग्रीनलैंड क्यों बना दुनिया का नया हॉटस्पॉट
दुनिया के नक्शे पर लंबे समय तक बर्फ से ढंका और दूरदराज माना जाने वाला ग्रीनलैंड अब वैश्विक राजनीति का नया केंद्र बनता जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग, आर्कटिक की बर्फ के तेजी से पिघलने, नए समुद्री रास्तों के खुलने और दुर्लभ खनिजों की उपलब्धता ने इस इलाके को अमेरिका, रूस और चीन जैसी महाशक्तियों के लिए बेहद अहम बना दिया है।
यही वजह है कि आज ग्रीनलैंड सिर्फ एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि सैन्य, आर्थिक और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का नया मैदान बन चुका है।
World Updates : आर्कटिक की बर्फ पिघलना: गेम चेंजर
जलवायु परिवर्तन के चलते आर्कटिक क्षेत्र दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में करीब चार गुना तेजी से गर्म हो रहा है।
पिछले पांच सालों में:
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आर्कटिक समुद्री बर्फ का औसत क्षेत्रफल घटकर 46 लाख वर्ग किलोमीटर रह गया है
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यह 1981–2010 के औसत से 27% कम है
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जितनी बर्फ पिघली है, उसका क्षेत्रफल लगभग लीबिया के बराबर है
बर्फ के पिघलने से:
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जमीन के नीचे छिपे संसाधन सामने आ रहे हैं
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समुद्र लंबे समय तक खुले रहने लगे हैं
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आम व्यापारिक जहाज भी अब इन रास्तों से गुजरने लगे हैं
World Updates : नए समुद्री रास्ते और वैश्विक व्यापार
नॉर्दर्न सी रूट (Northern Sea Route)

यह समुद्री मार्ग रूस के आर्कटिक तट के साथ-साथ यूरोप को एशिया से जोड़ता है।
इस रास्ते से:
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यात्रा का समय काफी घट जाता है
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ईंधन और लागत में बड़ी बचत होती है
साल 2025 में चीन से ब्रिटेन जाने वाला ‘इस्तांबुल ब्रिज’ कंटेनर जहाज इसी रूट से सिर्फ 20 दिनों में पहुंच गया।
अन्य संभावित रूट
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नॉर्थ-वेस्ट पैसेज (कनाडा के आर्कटिक द्वीपों के बीच)
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सेंट्रल आर्कटिक रूट (उत्तरी ध्रुव के ऊपर से)
भविष्य में ये रास्ते स्वेज नहर के विकल्प बन सकते हैं।
ग्रीनलैंड में छिपा खनिज खजाना
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक:
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ग्रीनलैंड दुर्लभ खनिजों में दुनिया में 8वें स्थान पर है
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यहां लगभग 15 लाख टन खनिज भंडार होने का अनुमान है
प्रमुख खनिज:
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नियोडायमियम
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प्रासियोडायमियम
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डिस्प्रोसियम
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टर्बियम
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यूरेनियम
ये खनिज:
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इलेक्ट्रिक वाहन
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मोबाइल
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सेमीकंडक्टर
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डिफेंस टेक्नोलॉजी
के लिए बेहद जरूरी हैं।
ट्रम्प, पुतिन और जिनपिंग की नजर क्यों ग्रीनलैंड पर
🇺🇸 अमेरिका
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ट्रम्प पहले कार्यकाल में ग्रीनलैंड “खरीदने” की इच्छा जता चुके हैं
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अब इसे लेकर धमकी भरे बयान दिए जा रहे हैं
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ग्रीनलैंड में पहले से अमेरिकी सैन्य अड्डा मौजूद है
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यह मिसाइल वॉर्निंग और स्पेस सर्विलांस का अहम केंद्र है

🇷🇺 रूस
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आर्कटिक को अपनी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मानता है
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नॉर्दर्न सी रूट को कंट्रोल करना चाहता है
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पिछले 10 सालों में कई नए सैन्य अड्डे बनाए
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पुराने सोवियत बेस दोबारा सक्रिय किए

🇨🇳 चीन
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2018 में खुद को ‘नियर आर्कटिक कंट्री’ घोषित किया
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खनन परियोजनाओं में निवेश
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2024 में तीन आइसब्रेकर जहाज आर्कटिक भेजे

NATO विस्तार से बढ़ा तनाव
फिनलैंड और स्वीडन के NATO में शामिल होने से:
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NATO सीधे रूस की उत्तरी सीमा के करीब पहुंच गया
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रूस कोला प्रायद्वीप और बैरेंट्स सागर पर कंट्रोल मजबूत कर रहा है
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NATO देश आइसब्रेकर और नौसैनिक ताकत बढ़ा रहे हैं
यूक्रेन युद्ध के बावजूद रूस ने आर्कटिक में अपनी सैन्य मौजूदगी कमजोर नहीं की है।

ग्रीनलैंड क्यों रणनीतिक रूप से बेहद अहम है
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अमेरिका और यूरोप के बीच स्थित
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दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप (21 लाख वर्ग किमी)
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80–85% हिस्सा बर्फ से ढका
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दुनिया का 10% ताजा पानी यहां मौजूद
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डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र (NATO सदस्य)
अगर ग्रीनलैंड अमेरिका के कब्जे में आता है, तो:
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यह अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा क्षेत्र होगा
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अलास्का और कैलिफोर्निया से भी बड़ा
आर्कटिक में सैन्य गतिविधियां तेज
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2024 में बेरिंग स्ट्रेट से 665 जहाज गुजरे
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अमेरिका और रूस दोनों ने सैन्य गश्त बढ़ाई
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अचानक बर्फ जमने का खतरा अभी भी बना हुआ
एक्सपर्ट्स के मुताबिक पिछले 10–15 सालों में आर्कटिक मिलिट्री हॉटस्पॉट बन चुका है।
भारत के लिए ग्रीनलैंड क्यों जरूरी
जलवायु प्रभाव
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आर्कटिक बदलाव का सीधा असर भारतीय मानसून पर
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समुद्र स्तर बढ़ने से तटीय भारत पर खतरा
वैज्ञानिक रिसर्च
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भारत 2007 से आर्कटिक रिसर्च में सक्रिय
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नॉर्वे के स्वालबर्ड में ‘हिमाद्री’ रिसर्च स्टेशन
व्यापार और खनिज
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नए समुद्री रास्ते एशिया-यूरोप व्यापार को तेज कर सकते हैं
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दुर्लभ खनिज भारत की EV और टेक इंडस्ट्री के लिए अहम
निष्कर्ष: भविष्य का नया जियोपॉलिटिकल फ्रंट
ग्रीनलैंड अब सिर्फ बर्फ से ढका द्वीप नहीं रहा।
यह:
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संसाधनों की होड़
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सैन्य शक्ति प्रदर्शन
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भविष्य के व्यापारिक रास्तों
का केंद्र बन चुका है। आने वाले वर्षों में आर्कटिक और ग्रीनलैंड दुनिया की राजनीति में वही भूमिका निभा सकते हैं, जो कभी मध्य-पूर्व ने निभाई थी।

